भारत के रिटेल सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई है। Reliance Retail और दुनिया की जानी-मानी कन्वीनिएंस स्टोर चेन 7-Eleven ने भारत में अपनी करीब पांच साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद दोनों कंपनियों के तहत चल रहे करीब 60 स्टोर्स में से ज्यादातर बंद होने की तैयारी है। कुछ स्टोर्स पर बचा हुआ सामान बेचने के बाद उन्हें भी बंद किया जा सकता है।
Reliance Retail और 7-Eleven ने साल 2021 में भारत में साथ आने का फैसला किया था। Reliance के नेटवर्क के जरिए 7-Eleven को भारतीय बाजार में विस्तार देने की योजना बनाई गई थी। पहला स्टोर मुंबई के अंधेरी ईस्ट में अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ था। उस समय इसे भारत के तेजी से बदलते रिटेल बाजार में एक बड़ा कदम माना गया था।
किराना और Quick Commerce के बीच फंसा मॉडल
भारत में 7-Eleven जैसे कन्वीनिएंस स्टोर मॉडल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यहां का मजबूत किराना नेटवर्क और तेजी से बढ़ता Quick Commerce सेक्टर रहा। देश के लाखों छोटे किराना स्टोर लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान आसानी से उपलब्ध कराते हैं। वहीं Blinkit, Zepto और Instamart जैसे प्लेटफॉर्म कुछ ही मिनटों में घर तक सामान पहुंचा रहे हैं।
ऐसे में ग्राहकों के लिए अलग से Convenience Store तक जाकर Snacks, Cold Drinks, Grocery और दूसरी रोजमर्रा की चीजें खरीदने की जरूरत कम हो गई। दूसरी तरफ ब्रांडेड स्टोर चलाने में किराया, कर्मचारियों की सैलरी, बिजली, सामान और लॉजिस्टिक्स जैसे खर्च काफी ज्यादा होते हैं। इस वजह से इस मॉडल के लिए मुनाफे में कारोबार करना मुश्किल रहा।
₹92 करोड़ की कमाई, करीब ₹90 करोड़ का घाटा
7-India Convenience Retail के वित्तीय आंकड़े भी कारोबार की मुश्किल स्थिति को दिखाते हैं। मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का Revenue करीब ₹92 करोड़ रहा, लेकिन इसी दौरान उसे लगभग ₹90 करोड़ का Net Loss हुआ। यानी कंपनी की कमाई और घाटे का आंकड़ा लगभग बराबर रहा।
Consumer Sector Consultancy Third Eyesight के Founder और CEO Devangshu Dutta के मुताबिक, कोरोना के बाद Quick Commerce ने कन्वीनिएंस स्टोर पर दबाव बढ़ाया है। दोनों मॉडल ग्राहकों की तुरंत जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन किराना स्टोर काफी कम खर्च में काम करते हैं। ऐसे में बड़े ब्रांडेड स्टोर के लिए लागत निकालना मुश्किल हो जाता है।
दुनिया में सफल, भारत में चुनौती
7-Eleven दुनिया की सबसे बड़ी Convenience Store Chains में से एक है। इसकी जापानी Parent Company Seven & i Holdings के पास दुनियाभर में 85,000 से ज्यादा स्टोर्स हैं। जापान, ताइवान, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे बाजारों में 7-Eleven का मॉडल काफी सफल रहा है। लेकिन भारत का Retail Market इससे काफी अलग है।
भारत में EasyDay, More और Spencer's जैसे दूसरे छोटे-format Retail Networks को भी लंबे समय तक इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। देश में पारंपरिक किराना दुकानों का नेटवर्क बेहद मजबूत है, जबकि Quick Commerce ने ग्राहकों की खरीदारी की आदतों को तेजी से बदला है।
क्या भारत से पूरी तरह बाहर होगा 7-Eleven?
Reliance के साथ करार खत्म होने के बावजूद 7-Eleven के भारत से पूरी तरह बाहर जाने की बात अभी तय नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी भारत में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए किसी नए स्थानीय Partner की तलाश कर सकती है। हालांकि इसको लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
Reliance और 7-Eleven का यह फैसला भारतीय Retail Market में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। भारत में ग्राहकों को सामान खरीदने के लिए अब किराना स्टोर के अलावा Online और Quick Commerce के कई विकल्प मिल रहे हैं। ऐसे में Convenience Store के लिए तभी सफल होना आसान होगा, जब वह कीमत, सुविधा या खास प्रोडक्ट के मामले में ग्राहकों को कोई अलग फायदा दे सके।
