Sudha Chandran on Govinda's Career: बॉलीवुड में एक वक्त गोविंदा की तूती बोलती थी। लगभग 20-25 सालों तक गोविंदा की फिल्मों ने दर्शकों के दिलों पर राज किया था और मेकर्स की जेबें भरी थीं। 2000 शुरू होने के बाद अचानक से गोविंदा की फिल्में कम हो गईं और फिर उसके बाद उनका करियर ग्राफ नीचे ही जाता चला गया। कई लोगों का मानना है कि गोविंदा ने खुद अपना करियर बर्बाद किया क्योंकि वो समय पर नहीं आते थे और इसी कारण निर्माता उनसे किनारा करते चले गए लेकिन एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने इस बारे में बड़ा खुलासा किया है और बताया है कि इंडस्ट्री के लोगों ने जानबूझकर गोविंदा का करियर बर्बाद किया और अंत में उन्हें ही दोष दे दिया। (इसे भी पढ़ें: Dhurandhar The Revenge का ट्रेलर होली पर होगा रिलीज, मेकर्स ने कसी कमर)
सुधा चंद्रन ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया, "अगर मैं ईमानदारी से बोलूं तो मैंने गोविंदा जी का दौर बहुत करीब से देखा है। उस वक्त हर कोई गोविंदा के साथ काम करना चाहता था। वो लोगों को मना करते थे कि उनके पास वक्त नहीं है और वो डेट्स नहीं दे सकते हैं लेकिन निर्माता और निर्देशक मानते ही नहीं थे। गोविंदा कोशिश करते थे कि वो सबको खुश कर पाएं और एक वक्त में 7-8 फिल्में करते थे लेकिन उनके पास भी 24 घंटे ही हैं। आप खुद बताइए कि एक इंसान 24 घंटे में कितना ही काम कर सकता है। अंत में लोगों ने उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए और इससे गोविंदा के करियर को नुकसान होने लगा।" (इसे भी पढ़ें: Dhurandhar The Revenge: 4 घंटे लम्बी होगी रणवीर सिंह की स्पाई मूवी, फैंस की होगी चांदी)
शुधा चंद्रन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "पहले निर्माता गोविंदा पर फिल्में साइन करने का दवाब बनाते थे और बाद में उनकी ही आलोचना करते थे क्योंकि वो वक्त नहीं दे पाते थे। हालांकि डेविड धवन के सेट पर वो हमेशा वक्त पर आते थे। उनकी टाइमिंग, उनका डांस और उनकी एक्टिंग कमाल की है। वो कमाल के आर्टिस्ट हैं, जिन्हें देश ने पैदा किया है।"
सुधा चंद्रन ने कहा कि आज भी जब लोग गोविंदा की डांसिंग वीडियोज पोस्ट करते हैं तो वो पाती हैं कि गोविंदा उतनी ही शिद्दत से डांस करते हैं या डायलॉग बोलते हैं। सुधा के अनुसार, गोविंदा ने अपनी मेहनत करना कभी भी बंद नहीं किया लेकिन इंडस्ट्री ने उनसे मुंह फेर लिया है।
