Mika Singh Interview: दिल्ली में चल रहे सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट को लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है। सोशल मीडिया पर सभी लोग बस इसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी खुलकर प्रोटेस्ट पर अपनी राय दे रहे हैं। इस बीच बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह (Mika Singh) ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि भारत के हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का लोकतांत्रिक अधिकार है। आइए इस रिपोर्ट में जानते है मीका सिंह ने क्या-क्या कहा...(Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Times Now Sustainability Conclave 2026: 'कुछ नारों से मैं सहमत...' स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट पर अदा शर्मा ने तोड़ी चुप्पी)
मीका सिंह ने दिया बयान
बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह ने टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में कहा, 'पिछले कई दिनों से यह प्रदर्शन लगातार चल रहा था और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा था। भारत के हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन पिछले दो दिनों में जो तस्वीरें मैंने देखीं, उन्हें देखकर मैं हैरान रह गया। वहां मौजूद छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुखद और गलत था। ये छात्र अपनी मेहनत और अपने सपनों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनके पूरे भविष्य का फैसला इन परीक्षाओं से जुड़ा है। ऐसे मासूम छात्रों के साथ मारपीट करना बिल्कुल सही नहीं है।'
छात्रों के सपोर्ट में आए मीका सिंह
मीका सिंह ने आगे कहा, 'मैंने पहले लड़कों के साथ हुई सख्ती देखी, लेकिन जब छात्राओं के साथ भी ऐसा व्यवहार होता देखा तो मुझे और ज्यादा दुख हुआ। किसी भी लड़की के साथ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। मैं समझ सकता हूं कि पुलिस या प्रशासन को सुरक्षा को लेकर कुछ चिंताएं रही होंगी। कई बार उन्हें लगता है कि प्रदर्शन में दूसरे लोग भी शामिल हो सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं कहा जा सकता। हम हमेशा महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं। उनके लिए कानून बनाए जाते हैं, सुरक्षा बढ़ाई जाती है और हर राज्य में कई कदम उठाए जाते हैं। लेकिन अगर उन्हीं लड़कियों के साथ इस तरह की मारपीट होगी, तो यह बहुत गलत संदेश देता है।
मिका सिंह ने आगे कहा, 'प्रदर्शन करने वालों की मांग सही है या गलत, इसका फैसला बाद में किया जा सकता है। लेकिन किसी भी छात्र या छात्रा के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्हें खींचना, मारना या उनके साथ बदसलूकी करना बिल्कुल गलत है। मुझे समझ नहीं आता कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। इस तरह की सख्ती तो गंभीर अपराध करने वाले लोगों के साथ की जाती है। अपने भविष्य के लिए आवाज उठा रहे छात्रों को अपराधियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।'
