सुशांत के भाई की संजय राउत को चेतावनी- 'परिवार से मांगे माफी या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए रहें तैयार'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 10, 2020, 07:49 PM IST

Sushant Singh Rajput Brother on Sanjay Raut: शिवसेना के नेता संजय राउत ने मुखपत्र सामना मे लिखे लेख में सुशांत के पिता से उनके संबंध पर सवाल उठाए थे। अब सुशांत के भाई ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सुशांत के भाई की संजय राउत को चेतावनी- 'परिवार से मांगे माफी या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए रहें तैयार'

मुंबई. सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में राजनीतिक खींचतान और छींटाकशी जारी है। अब शिवसेना के नेता संजय राउत ने इस मामले में सुशांत के परिवार और उनके पिता पर आरोप लगाए थे। अब सुशांत के परिवार ने संजय राउत पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।  

सुशांत सिंह राजपूत के कजिन भाई और भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह 'बबलू' ने कहा है कि- 'संजय राउत द्वारा सुशांत के पिता की दूसरी शादी पर किया गया दावा पूरी तरह से फर्जी है। अगर शिवसेना के नेता ने माफी नहीं मांगी तो सुशांत का परिवार उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।' 

शिवसेना के मुखपत्र सामना में संजय राउत ने लेख लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा था-'पिता कृष्ण कुमार सिंह की दूसरी शादी के सुशांत सिंह राजपूत को स्वीकार नहीं थी। संजय राउत ने यह सवाल किया है कि कितने बार सुशांत अपने पिता से मिलने जाते थे? 

सुशांत-अंकिता के ब्रेकअप पर उठाया सवाल
संजय राउत ने सुशांत और अंकिता लोखंडे के ब्रेकअप पर भी सवाल उठाए हैं। संजय राउत ने अपने कॉलम में लिखा है-'अंकिता लोखंडे और सुशांत सिंह राजपूत के बीच हुआ ब्रेकअप भी जांच के दायरे में आना चाहिए।'

संजय राउत ने अपने कॉलम में एफआईआर पर भी सवाल उठाए हैं।उन्होंने कहा  कि पटना में सुशांत सिंह राजपूत की मौत की एफआईआर दर्ज की गई जबकि घटना मुंबई में हुई थी। इतना ही नहीं घटना के 40 दिनों के बाद सुशांत के परिवार ने यह कदम उठाया। 

आदित्य ठाकरे का भी किया बचाव 
संजय राउत ने अपने कॉलम में आदित्य ठाकरे का भी बचाव किया है। राउत ने लिखा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत को डिनो मोरिया के घर पर कथित तौर पर हुई पार्टी से जोड़ा जा रहा है। मोरिया और अन्य लोग आदित्य ठाकरे के मित्र हैं। 

राउत आगे लिखते हैं- 'यदि इस दोस्ती की वजह से ठाकरे को निशाना बनाया जा रहा है तो यह गलत है। अगर कोई व्यक्ति राजनीतिकरण और दबाव की तरकीब का इस्तेमाल करना चाहता हो तो फिर से देश में कुछ भी हो सकता है।'

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