आगरा की एसिड अटैक सर्वाइवर की मदद को आगे आईं Deepika Padukone, दिए 15 लाख रुपए

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 3, 2021, 12:11 PM IST

Acid Attack survivor help: आगरा की रहने वाली बाला 9 साल पहले एसिड अटैक का शिकार हुई थीं। पारिवारिक रंजिश के चलते उन पर और उनके दादा जी पर तेजाब फेंका गया था।

आगरा की एसिड अटैक सर्वाइवर की मदद को आगे आईं Deepika Padukone, दिए 15 लाख रुपए
Photo Credit: Instagram

Deepika Padukone help victim: पारिवारिक दुश्‍मनी के चलते एसिड अटैक का शिकार बनीं आगरा की बाला इन दिनों जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। किडनी फेल होने की वजह से उनकी हालत गंभीर हो गई है। ऐसे में उनकी मदद को बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण आगे आई हैं। उन्‍होंने एसिड अटैक सर्वाइवर की मदद को 15 लाख रुपए दिए हैं।

बाला कुछ समय पहले मेघना गुलजार द्वारा बनाई गई फ़िल्म ‘छपाक’ में मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के साथ काम कर चुकी हैं। उन्‍होंने इस मूवी में अभिनय कर एसिड अटैक पीड़ितों के सामने हिम्मत की नई मिसाल कायम की। उनकी खराब हालत के बारे में पता चलते ही दीपिका ने मदद की पेशकश की।  अभिनेत्री ने पहले सुबह 10 लाख और बाद में शाम को 5 लाख और भेजें। बताया जाता है कि बाला को इलाज के लिए 16 लाख रुपए की जरूरत है। 

एसिड अटैक सर्वाइवर की मदद के लिए आगरा का एक कैफे भी फंड जुटा रहा है, चूंकि बाला वहां काम करती थीं इसलिए कैफे के लोग उनकी मदद करना चाहते हैं। मालूम हो कि आज से 9 साल पहले रंजिश के चलते बाला और उनके दादा पर तेजाब डाल दिया गया था। ये घटना के घर में घुस कर अंजाम दी गई थी। हमले में बाला के दादा जी की मौत हो गई थी जबकि  बाला का गला, हाथ और चेहरा बुरी तरह से झुलस गया था। 

12 सर्जरी के बाद बची थी जान 

उनका दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज चला था। करीब 12 सर्जरी के बाद उनकी जिंदगी बच पाई थी. मगर अब एक बार फिर वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। उनकी दोनों किडनियां फेल हो गई हैं। सफदरगंज में ही उनका इलाज चल रहा है। दो डायलीसिस के बाद डॉक्टर्स ने जल्द किडनी ट्रांसप्लांट करवाने को कहा है। 

दूसरी सर्वाइवर ने दिखाई राह 

एसिड अटैक सर्वाइवर बाला कई दिनों तक खुद को देखने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी.  इसी दौरान उनकी मुलाकात एसिड अटैक सर्वाइवर अंशु से हुई। अंशु ने बाला को हौंसला दिया और उन्‍हें एक फाउंडेशन के पास ले गईं। यहां वह आत्मनिर्भर बनीं और परिवार की जिम्‍मेदारी उठाने लगीं। 

End of Article