बॉलीवुड

Adipurush Kiss Controversy: कृति ने खुद को सीता समझा ही न होगा...बोलीं दीपिका चिखलिया- किस तो दूर, हमारे समय में गले भी नहीं लगा सकते थे

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jun 9, 2023, 08:06 AM IST

Adipurush Kiss Controversy: दरअसल, 16 जून 2023 को रिलीज होने वाली फिल्म आदिपुरुष में साउथ के स्टार प्रभास राम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि कृति मां सीता के रोल को निभाती दिखेंगी। हाल ही दक्षिण के एक मंदिर के बाहर डायरेक्टर ने सेनॉन को गुडबाय किस दिया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पूरा विवाद पनपा था।

Image

एक्ट्रेस Dipika Chikhlia ने आदिपुरुष से जुड़ी किस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। (फाइलः IANS)

Adipurush Kiss Controversy: फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) के डायरेक्टर ओम राउत (Om Raut) और लीड एक्ट्रेस कृति सेनॉन (Kriti Sanon) के बीच मंदिर के बाहर हुए किस को लेकर पनपे विवाद पर एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। सीता के किरदार के अमर कर देने वाली इस अदाकारा ने नाखुशी जाहिर करते हुए कहा- मुझे लगता है कि आज के दौर के कलाकारों के साथ बड़ी दिक्कत है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे न तो पात्र को आत्मसात करते हैं और न ही उसके जज्बातों को समझते हैं। रामायण उनके लिए सिर्फ फिल्म ही होगी।

उन्होंने एक हिंदी चैनल से बातचीत करते हुए आगे बताया, "यही वजह है कि वे आध्यात्मिक तौर पर उससे (रामायण) खुद को नहीं जोड़ पाए। कृति आज के दौर की अदाकारा हैं। आजकल किसी को किस करना या फिर हग करना एक अच्छा जेस्चर (अच्छी बात या फिर एक्ट) माना जाता है। उन्होंने (कृति) खुद को कभी सीता जी नहीं समझा होगा। यह भावनाओं का मामला है। मैंने भी सीता का किरदार निभाया था, जबकि आज की एक्ट्रेसेज़ उसे सिर्फ रोल के तौर पर ले रही हैं। फिल्म या फिर प्रोजेक्ट के खत्म होने के बाद उन्हें किसी चीज की चिंता नहीं रहती है।"

दीपिका ने अपने दिनों को याद करते हुए आगे बताया, "सेट पर हमें कोई भी हमारे नाम से नहीं पुकारता था। हम जब अपने पात्रों में होते थे, तब बहुत सारे लोग आकर हमारे पैर छू लिया करते थे। वह दौर ही दूसरा था। उस समय वे हमें एक्टर्स के तौर पर नहीं देखते थे। वे हमें भगवान ही समझते थे। किस तो दूर की बात है...हम (सीता बनी हुई अदाकारा) किसी को तब हग भी नहीं कर सकते थे।"

वह बोलीं- आदिपुरुष की रिलीज के बाद फिल्म के एक्टर्स अपने आगे के प्रोजेक्ट्स में व्यस्त होंगे और हो सकता है कि वे अपने किरदारों को भूल भी गए हों, पर हमारे समय में ऐसा नहीं होता था। हम तो भगवान की तरह ही देखे जाते थे। ऐसे में हमने कभी भी किसी की भावनाओं को आहत नहीं किया।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article