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अवध ओझा, लड़ पाएंगे चुनाव या नहीं? आज होगा फैसला, टिकट तो मिला लेकिन वोटर लिस्ट से नाम है गायब

अवध ओझा हाल ही में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इस सीट से आप नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया विधायक हैं। अब मनीष सिसोदिया को जंगपुरा सीट से उतारा गया है।

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अवध ओझा को आम आदमी पार्टी ने दिया है टिकट

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • पटपड़गंज से आप ने अवध ओझा को दिया है टिकट
  • मनीष सिसोदिया पिछली बार यहां से जीते थे
  • अवध ओझा कुछ दिनों पहले ही आप में शामिल हुए थे

सिविल सर्विस की कोचिंग देकर चर्चित हुए अवध ओझा की पहली सियासी लड़ाई ही अंधकार में दिख रही है। अवध ओझा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से ठीक कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर लिया था। खुद आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अवध ओझा को पार्टी में शामिल कराया था, इतना ही नहीं जिस सीट से मनीष सिसोदिया जीतते रहे थे, वो पटपड़गंज सीट अवध ओझा को दे दी गई। लेकिन नामांकन की तैयारी किए बैठे अवध ओझा के साथ अब खेला होते दिख रहा है।

कहां चूके अवध ओझा

दरअसल दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए दिल्ली का मतदाता होना आवश्यक है, जबकि अवध ओझा उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के वोटर हैं। ऐसे में अवध ओझा को दिल्ली का मतदाता बनने के लिए तय समय से पहले आवेदन देना था। अब अवध ओझा के पास पार्टी है, टिकट है, लेकिन वोटर लिस्ट में नाम ही नहीं है।

केजरीवाल ने तारीख में लगाया हेरफेर का आरोप

केजरीवाल ने दावा किया कि अवध ओझा ने 26 दिसंबर को फॉर्म 6 भरकर चुनाव आयोग को आवेदन दिया था। उन्हें वहां से कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद किसी ने उनसे कहा कि क्योंकि आपका ग्रेटर नोएडा में वोट बना हुआ है तो आपको फॉर्म 6 नहीं, फॉर्म 8 भरना पड़ेगा। ट्रांसफर के लिए तो उन्होंने 7 जनवरी को फॉर्म 8 भर दिया। कानून के मुताबिक 7 जनवरी फॉर्म 8 भरने की लास्ट डेट थी। उन्होंने आगे बताया कि इलेक्शन कमीशन के मैनुअल यह कहते हैं कि आखिरी डेट ऑफ नॉमिनेशन से 10 दिन पहले तक फॉर्म 6 और फॉर्म 8 भरे जा सकते हैं। 17 जनवरी लास्ट डेट है तो 10 दिन पहले मतलब 7 जनवरी लास्ट डेट थी। उन्होंने लास्ट डेट को फॉर्म 8 भर दिया था। दिल्ली के चुनाव अधिकारी ने एक आदेश निकाला, जिसमें उन्होंने लिखा कि 7 जनवरी लास्ट डेट है। इसके एक दिन बाद दोबारा आदेश निकाला और उसमें कह दिया 6 जनवरी लास्ट डेट है। यह दूसरा ऑर्डर क्यों निकाला गया। यह कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने भी ऑर्डर निकाला था कि 7 जनवरी लास्ट डेट होगी फिर अचानक से ऐसा प्रतीत होता है कि पीठ पीछे कुछ हुआ है। अचानक से ऑर्डर बदल गया और 7 जनवरी नहीं, 6 जनवरी लास्ट डेट मानी जाएगी। क्या ऑर्डर को अवध ओझा के खिलाफ निकाला गया?

आज होगा फैसला

जब अवध ओझा और उनकी पार्टी को लगा कि मामला बिगड़ गया है, मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़ा है तो वो भागे-भागे चुनाव आयोग के पास पहुंचे। खुद अरविंद केजरीवाल मैदान में उतरे, चुनाव अधिकारी पर आरोप लगा दिया। चुनाव आयुक्त से मिलने के लिए केजरीवाल और अवध ओझा पहुंच गए। इस मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा कि एक अच्छी खबर है कि चुनाव आयोग ने अवध ओझा के नॉमिनेशन को लेकर उनका नाम वोटर लिस्ट में शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं और उनका वोट दिल्ली में बन जाएगा। वह अपना नॉमिनेशन फाइल कर पाएंगे। इसके लिए भी मैं चुनाव आयोग का बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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