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Bihar Election: महागठबंधन का घोषणा पत्र तो आ गया, जानिए NDA का मैनिफेस्टो कब आएगा?

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए का ‘विकसित बिहार’ घोषणापत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर फोकस करता हुआ दिख सकता है। अमित शाह के हालिया बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन की रणनीति जनता के बुनियादी मुद्दों को केंद्र में रखकर बिहार को “डबल इंजन की रफ्तार” देने की है।

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बिहार एनडीए की मीटिंग (फोटो- Amit Shah)

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन, महागठबंधन ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, अब सत्ताधारी एनडीए के मैनिफेस्टो का इंतजार किया जा रहा है। ंमिली जानकारी के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नीत एनडीए का घोषणापत्र 30 अक्टूबर को जारी किया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए राज्य में घोषणापत्र को 'विकसित बिहार' शीर्षक के साथ जारी करेगा।

NDA के घोषणापत्र में क्या-क्या हो सकता है?

बिहार में एनडीए के घोषणापत्र में छात्र, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर अधिक फोकस किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 25 अक्टूबर को खगड़िया में रैली के दौरान इसके संकेत दिए गए थे। उन्होंने कहा था, "बिहार डबल इंजन से लैस होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चला है। एनडीए सरकार बिहार को आगे ले जाने के लिए तैयार है। हमारी स्पष्ट नीति है, स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई, टाइम पर दवाई, खेतों में सिंचाई और हर घर में पानी की सप्लाई।" अमित शाह ने कहा था, "इन चार सूत्रों पर हमारा बिहार अब आगे बढ़ने वाला है।"

महागठबंधन के घोषणापत्र में वादे ही वादे

महागठबंधन ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ‘तेजस्वी प्रण’ नाम से अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी किया, जिसमें वादा किया गया कि उसकी सरकार बनने के 20 दिन के भीतर एक विधेयक लाकर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उसने संसद द्वारा पारित वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर बिहार में रोक लगाने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने, केंद्र सरकार द्वारा तैयार नई शिक्षा नीति के ‘दुष्प्रभावों’ की समीक्षा करने, आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने के लिए विधानसभा द्वारा पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की केंद्र सरकार से अनुशंसा करने तथा कई अन्य वादे किए हैं। महागठबंधन ने घोषणापत्र में वादा किया है कि सरकार बनने के 20 दिन के भीतर ही बिहार के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए विधेयक लाया जाएगा तथा 20 महीने की रूपरेखा के कार्यान्वयन पर काम शुरू हो जाएगा। उसने यह वादा भी किया है कि सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान सवा करोड़ रोजगार का सृजन किया जाएगा। विपक्षी गठबंधन का कहना है कि अगर सरकार बनी तो दलितों, अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़े, पिछड़े वर्ग के भूमिहीन लोगों को शहरी क्षेत्र में तीन डिसमिल (भूमि माप की इकाई) तथा ग्रामीण क्षेत्र में पांच डिसमिल आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। उसने यह भी कहा कि सरकार बनने पर बिहार में वक्फ संशोधन कानून पर रोक लगाई जाएगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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