चुनाव आयोग की ओर से SIR के दूसरे चरण की घोषणा पर कांग्रेस भड़की दिख रही है। कांग्रेस SIR की प्रक्रिया पर पहले ही सवाल उठाती रहा है। आज जब 12 राज्यों में SIR कराने की घोषणा हुआ तो कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि चुनाव आयोग अब 12 राज्यों में 'वोट चोरी' का खेल खेलने जा रहा है। SIR के नाम पर बिहार में 69 लाख वोट काटे गए। अब 12 राज्यों में करोड़ों वोट काटे जाएंगे। यह खुले तौर पर 'वोट चोरी' है, जो नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग साथ मिलकर कर रहे हैं।
कांग्रेस ने SIR के दूसरे चरण पर क्या कहा
कांग्रेस एक्स पर पोस्ट कर कहा- "बिहार में जब SIR हुआ तो देश के सामने चुनाव आयोग की चोरी खुलकर सामने आ गई। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर चुनाव आयोग को फटकार भी लगाई थी। देशभर में 'वोट चोरी' के अलग-अलग मामले और तरीके सामने आ रहे हैं। कहीं साजिशन वोट जोड़े जा रहे, तो कहीं काटे जा रहे हैं। कहां तक इन मामलों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए था। इनकी जांच करनी चाहिए थी, इसके उलट चुनाव आयोग 'वोट चोरी' के खेल में ही लग गया। 12 राज्यों में होने वाला SIR लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश है। जनता के अधिकारों को छीनने का षड्यंत्र है।"
टीएमसी ने क्या कहा
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को आशंका है कि ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाने’’ के प्रयास किए जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी वास्तविक मतदाताओं को सूची से हटाने के किसी भी प्रयास का ‘‘लोकतांत्रिक तरीके से विरोध’’ करेगी। घोष ने कहा, ‘‘अगर किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने का प्रयास किया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा। हमें मतदाता सूची पुनरीक्षण से कोई समस्या नहीं है लेकिन अगर इसके नाम पर कोई भाजपा के इशारे पर किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने की कोशिश करता है तो हम लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेंगे। हम सभी से शांति बनाए रखने और भाजपा के जाल में नहीं फंसने का आग्रह करते हैं। बस याद रखें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ हैं।’’
SIR के दूसरे चरण पर क्या बोली बीजेपी
भाजपा ने निर्वाचन आयोग के इस कदम का स्वागत किया है। एसआईआर के दूसरे चरण के बारे में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "...मतदाता सूची को साफ करना, मृतक, प्रवासी मतदाताओं और विदेशी घुसपैठियों के नाम हटाना एक सराहनीय प्रक्रिया है। इसके लिए चुनाव आयोग की सराहना की जानी चाहिए। अगर मतदाता सूची सही होगी, तो चुनाव प्रक्रिया अच्छी तरह से संपन्न होगी। अगर फर्जी मतदाता, जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, मतदाता सूची में होंगे, अगर मृतक मतदाताओं के नाम नहीं हटाए जाएंगे, तो मतदाता सूची सही नहीं होगी। सूची को साफ किया जाना चाहिए। इसलिए, उन्हें (विपक्ष को) समझना चाहिए कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है और इसकी सराहना की जानी चाहिए, न कि इसे चुनौती दी जानी चाहिए।"
