Bengal Phase 2 Voting: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। पहले चरण का मतदान काफी शांतिपूर्ण रहा था, जिसे देखते हुए अब दूसरे चरण को भी बिना किसी परेशानी के संपन्न कराने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से CAPF की ओर से एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पूरे चुनाव की निगरानी की जा रही है। पूरे राज्य को 7 अलग-अलग क्लस्टर में बांटा गया है। हर क्लस्टर में करीब 3 पुलिस जिले या पुलिस कमिश्नरेट शामिल हैं। इस व्यवस्था से सुरक्षा (Bengal election security) और निगरानी को बेहतर बनाया गया है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।
हर मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कंट्रोल रूम को कई हिस्सों में बांटा गया है। एक हिस्से में जमीन से आने वाली जानकारी सीधे पहुंचती है। यहां से ही सुरक्षाबलों की तैनाती, उनकी मूवमेंट और जरूरत पड़ने पर क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को भेजने का काम किया जाता है। दूसरे हिस्से में लाइव जीपीएस मैप्स के जरिए सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस कंट्रोल रूम की खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग सुरक्षा बलों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। इसमें बीएसएफ, सीआईएसएफ, CRPF, ITBP, स्टेट आर्म्ड पुलिस और आरपीएफ के अधिकारी शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिस भी मतदान केंद्र पर कोई फोर्स तैनात है, उसे तुरंत निर्देश दिए जा सकें और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जा सके।
कंट्रोल रूम से सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर भी रखी जा रही नजर
इसके अलावा, कंट्रोल रूम से सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह या गलत जानकारी को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदान पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हो। साथ ही, नागरिकों की मदद के लिए 24x7 हेल्पलाइन भी शुरू की गई है, जो 10 मई 2026 तक चालू रहेगी। इस हेल्पलाइन के जरिए लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, सुझाव दे सकते हैं या किसी भी तरह की मदद ले सकते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी शिकायतों को गोपनीय तरीके से लिया जाएगा और उन पर जल्दी कार्रवाई की जाएगी।
