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6 महीने के निचले स्तर Sensex-Nifty, हाथ से रेत की तरह फिसला बाजार, निकलें या करें इंतजार?

आज शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। निवेशकों के हाथों से बाजार रेत की तरफ फिसलता जा रहा है।

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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

Share Market Closing Bell Sensex-Nifty : भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 28 सितंबर को एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार खत्म होने पर Sensex 1,124 अंक टूटकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 1.56% की गिरावट रही और इंडेक्स 22,780.25 पर आ गया। बाजार में बिकवाली इतनी व्यापक रही कि Nifty पर सिर्फ 3 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 47 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

हाथ से रेत की तरह फिसला बाजार

आज की गिरावट ने बाजार को उसके हाल के ऊंचे स्तरों से और दूर कर दिया। Nifty का आज का लो 22,762.20 और Sensex का लो 72,716.23 रहा। Nifty के 52-वीक लो 22,182.55 के मुकाबले इंडेक्स अब ज्यादा दूर नहीं है। वहीं, Nifty का 52-वीक हाई 26,373.20 है। यानी ऊंचे स्तरों से बाजार में क्रैश साफ दिखाई दे रहा है।

क्यों टूटा बाजार?

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव Crude Oil Prices की तेजी का रहा। Brent crude करीब 108.59 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया और दिन में 4% से ज्यादा ऊपर रहा। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। भारत क्रूड के आयात पर निर्भर है। ऐसे में महंगा क्रूड भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। इसके इसके अलावा फॉरेन इन्वेस्टर की सेलिंग और कमजोर ग्लोबल क्यूज ने भी सेंटिमेंट खराब किया। शुक्रवार को FIIs ने करीब 3,696 करोड़ रुपये की इक्विटीज बेची थीं।

PSU Bank पर सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल मार्केट में PSU Bank सबसे ज्यादा टूटा। Nifty PSU Bank 3.24% गिरा। Nifty Realty 2.12%, Nifty Bank 1.99%, Oil & Gas 1.86% और Metal 1.78% नीचे रहे। वहीं IT और Consumer Durables ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty IT में सिर्फ 0.26% की गिरावट रही, जबकि Consumer Durables 0.30% नीचे रहा।

वोलैटिलिटी बढ़ी, रुपया भी कमजोर

गिरावट के बीच India VIX 11.90% उछलकर 13.61 पर पहुंच गया। इससे बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और अस्थिरता का संकेत मिला। दूसरी ओर रुपया डॉलर के मुकाबले 95.95 तक कमजोर हुआ। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर रहा।

अब निवेशकों को क्या देखना होगा?

बाजार की अगली दिशा काफी हद तक क्रूड ऑयल, FII के फ्लो और अगेल महीने RBI MPC के नतीजों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में दबाव बना हुआ है और वोलैटिलिटी बढ़ी है। ऐसे माहौल में आगे के सत्रों में तेज उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। इंडिया विक्स में पिछले 5 दिन में करीब 24% की तेजी आई है। यह बताता है कि निवेशकों में डर बढ़ रहा है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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