West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक हाईटेक बनाया गया है। चुनाव आयोग ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर PTZ (पैन-टिल्ट-जूम) कैमरों और उन्नत सर्विलांस सिस्टम का व्यापक इस्तेमाल शुरू किया है। ये कैमरे 360 डिग्री कवरेज देने में सक्षम हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकती है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग
कंट्रोल रूम से इन कैमरों को रियल टाइम में मॉनिटर किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिल रही है। खासतौर पर उन इलाकों में, जहां पहले चुनाव के दौरान हिंसा या गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई थीं, वहां सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। इसके अलावा, वेबकास्टिंग और ड्रोन निगरानी भी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। हर गतिविधि रिकॉर्ड होने से किसी भी तरह की शिकायत या विवाद की स्थिति में सबूत उपलब्ध रहता है।
बंगाल में सुरक्षा सख्त
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों, मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से 3,000 सशस्त्र पुलिस कर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। अधिकारी ने बताया कि ये सुरक्षा बल 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए पहले से ही मौजूद केंद्रीय बलों की पर्याप्त उपस्थिति को और मजबूती प्रदान करेंगे। अधिकारी ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया, ’’चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए, अन्य राज्यों से लगभग 3,000 सशस्त्र पुलिस कर्मियों को मौजूदा बलों में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त बलों का एक बड़ा दल उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से लिया जाएगा।’’
13 अप्रैल से पहुचने लगेंगे सुरक्षा बल
उन्होंने बताया कि कर्मियों के 13 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से राज्य में पहुंचना शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य भर में केंद्रीय बलों की 2,400 कंपनियों की तैनाती की योजना पहले ही बना ली है।
