West Bengal Assembly Election 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पश्चिम बंगाल के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
यह निर्देश मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर, डिविजनल कमिश्नर्स, एडीजीपी, आईजी, डीएम, सीपी, एसएसपी और एसपी स्तर तक के अधिकारियों को जारी किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने राज्य के सभी अधिकारियों के कड़े निर्देश
आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए निम्न बिंदुओं पर जोर दिया है:
- मतदाता बिना डर के वोट डाल सकें।
- चुनाव पूरी तरह हिंसा मुक्त हों।
- किसी भी तरह का डराना-धमकाना (Intimidation) न हो।
- लालच या प्रलोभन (Inducement) से मुक्त माहौल हो।
- छापा यानी कि फर्जी मतदान पूरी तरह रोका जाए।
- बूथ जामिंग यानी कि मतदाताओं को पोलिंग बूथ के अंदर जाने से रोकने की कोई घटना न हो।
- सोर्स जामिंग से आशय कि मतदाताओं को चुनाव के दिन घर से बाहर निकलने से रोकने की घटनाओं पर भी पूरी तरह रोक लगे।
कोलकाता पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
इससे पहले, चुनाव आयोग ने 159-भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में रोड शो और नामांकन के समय कथित लॉ एंड ऑर्डर फेलियर पर बड़ी कार्रवाई की। आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
किन अधिकारियों पर कार्रवाई?
सिद्धार्थ दत्ता – डीसी-II, साउथ डिवीजन, Kolkata Police
प्रियंकर चक्रवर्ती – ओसी, अलीपुर
चंडी चरण बनर्जी – अतिरिक्त ओसी, अलीपुर
सौरभ चटर्जी – सार्जेंट, अलीपुर
पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट दिनांक 05.04.2026 को सुबह 11:00 बजे तक भेजी जाए। साथ ही आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि इन पदों पर खाली हुई जगहों को भरने के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजा जाए।
