West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है। PTI के अनुसार चुनाव से ठीक पहले करीब सात लाख नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है। हालांकि, Election Commission of India ने इन नए मतदाताओं की आयु, पहचान या अन्य महत्वपूर्ण विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दो चरणों में करेंगे मतदान
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नए जोड़े गए मतदाताओं में से लगभग 3.22 लाख मतदाता पहले चरण में मतदान करेंगे, जबकि शेष करीब 3.88 लाख मतदाता दूसरे चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सबसे अहम बात यह है कि आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन सात लाख नए मतदाताओं में से कितने ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे, यानी जिनकी आयु हाल ही में 18 वर्ष पूरी हुई है। इसके अलावा, यह जानकारी भी साझा नहीं की गई कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कितने फॉर्म-6 आवेदन प्राप्त हुए थे और उनमें से कितने आवेदन स्वीकार या अस्वीकृत किए गए।
कुल मतदाताओं की संख्या 6.82 करोड़ के पार
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब बढ़कर 6,82,51,008 हो गई है। यह संख्या आगे और बढ़ सकती है, क्योंकि न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) के आदेशों के बाद अतिरिक्त नाम भी मतदाता सूची में जोड़े जा सकते हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक हलचल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नए मतदाताओं का जुड़ना सभी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि युवा और नए वोटर अक्सर चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि निर्वाचन आयोग विस्तृत आंकड़े कब सार्वजनिक करता है और क्या नए मतदाताओं से जुड़े सवालों का जवाब मिलता है। फिलहाल, मतदाता सूची में अचानक हुई इस बड़ी वृद्धि ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।
