दमदम, भवानीपुर, श्यामपुकुर, कोलकाता पोर्ट, रासबिहारी और कमरहाटी विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 Updates : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2026) की कुल 294 सीटों में से 293 सीटों के लिए आज यानी सोमवार 4 मई को मतगणना हुई। पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा ने 200 प्लस सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ TMC को करारी हार का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, बल्कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भी भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुछ बहुत ही रोचक मुकाबले तो हैं ही, साथ ही कुछ हॉट सीटों पर सबकी निगाह है। हर कोई जानना चाहता है कि इन हॉट व VIP सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत मिली।
भवानीपुर सीट
यह सीट मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पारंपरिक सीट है। वह यहां से चुनाव जीतती रही हैं। साल 2011 से ही यह सीट लगातार तृणमूल कांग्रेस जीतती रही है। ममता बनर्जी ने 2011 के उपचुनाव और 2016 में यहां से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2021 के उपचुनाव में भी 'दीदी' ने यहां से जीत दर्ज की। जबकि पूर्व में ममता बनर्जी के करीबी रहे और वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी यहां ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर दी।
इस सीट पर ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा।
दमदम
दमदम सीट पर ममता बनर्जी की सरकार में शिक्षा मंत्री ब्रत्यब्रता बसु रॉय चौधरी का मुकाबला भाजपा के अरिजीत बक्शी के साथ देखने को मिला। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा के अरिजीत बख्शी ने टीएमसी उम्मीदवार को 25,273 मतों के अंतर से चुनावी पटखनी दी। भाजपा के अरिजीत बक्शी को कुल 99,181 वोट मिले।
श्यामपुकुर
श्यामपुकुर सीट पर पश्चिम बंगाल की उद्योग मंत्री शशि पांजा का मुकाबला भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती से है। इस मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 14633 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी को 60248 वोट, जबकि शशि पांजा को 45615 वोट मिले।
कोलकाता पोर्ट
कोलकाता पोर्ट की सीट पर भी मुकाबला काफी रोचक है। यहां से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कोलकाता के मेयर और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम हैं। जबकि उन्हें भाजपा के राकेश सिंह से टक्कर मिल रही है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, फिरहाद हाकिम को 101226 वोट, जबकि भाजपा के राकेश सिंह को 45146 वोट मिले।
रासबिहारी सीट
टीएमसी ने यहां से मौजूदा विधायक देबाशीश कुमार को उम्मीदवार बनाया, जबकि भाजपा ने पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता को अपना प्रत्याशी बनाया। भाजपा प्रत्याशी स्वपन दासगुप्ता को 74123 वोट मिले, जबकि देबाशीश कुमार को महज 53258 मत मिले। इस सीट पर जीत का अंतर 20 हजार से ज्यादा रहा।
कमरहाटी
इस सीट पर तृणमूल ने पूर्व मंत्री मदन मित्रा को मैदान में उतारा, जबकि भाजपा ने अरूप चौधरी पुलक को अपना उम्मीदवार बनाया। टीएमसी प्रत्याशी मदन मित्रा ने 5646 मतों से जीत दर्ज कर ली है।
बेलेघाटा
टीएमसी ने इस सीट पर पूर्व सांसद कुणाल घोष को प्रत्याशी बनाया है और भाजपा प्रत्याशी पार्थ चौधरी से उनका मुकाबला है। कुणाल घोष को 93757 वोट हासिल हुआ, जबकि पार्थ चौधरी को 65181 मत मिले। इस सीट पर जीत का अंतर 28576 मतों का रहा।बारुईपुर पश्चिम
तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा ने यहां से विश्वजीत पाल को उम्मीदवार उतारा। चुनाव आयोग के मुताबिक, बिमान बनर्जी को 104781 वोट मिले, जबकि विश्वजीत पाल को 86919 मत ही मिले। इस सीट पर बिमान बनर्जी ने 17 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की।
शिबपुर
शिबपुर में मुकाबला अभिनेता और भाजपा प्रत्याशी रुद्रनील घोष व टीएमसी के डॉ. राणा चटर्जी के बीच है। भाजपा प्रत्याशी रुद्रनील घोष ने 16,058 मतों से जीत दर्ज की।
सोनारपुर दक्षिण
सोनारपुर दक्षिण से भाजपा की पूर्व सांसद और अभिनेत्री रूप गांगुली ने जीत दर्ज की। उनके सामने टीएमसी ने अभिनेत्री अरुंधति मैत्रा को मैदान में उतारा था, जहां वह 35782 मतों के अंतर से चुनाव हार गई।
पानीहाटी
पानीहाटी की सीट के रिजल्ट पर सबकी निगाह है, क्योंकि भाजपा ने यहां से आरजीकर मेडिकल कॉलेज की रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि टीएमसी ने तीर्थकर घोष को प्रत्याशी बनाया। इस सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने 28,836 मतों के अंतर से टीएमसी उम्मीदवार को हरा दिया।
बहरामपुर विधानसभा सीट
कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर अपने पूर्व सांसद और बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, अधीर रंजन चुनाव नहीं जीत पाए। इस सीट से भाजपा उम्मीदवार सुब्रत मैत्रा ने 17548 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
दो चरणों में हुआ था मतदान
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान हुआ था। पहले चरण के चुनाव के लिए 30 मार्च को अधिसूचना जारी हुई थी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अप्रैल थी और 9 अप्रैल तक उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर दिया गया था। इसके बाद 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुआ, जिसमें मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 152 सीटों पर लगभग 92 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया।
दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी की गई थी। नामांकन की अंतिम तिथि 9 अप्रैल थी और 13 अप्रैल तक नाम वापसी का समय दिया गया। 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान में भी मतदाताओं ने उत्साह दिखाया और 142 सीटों पर भी 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
