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पश्चिम बंगाल में 91 तो तमिलनाडु में 84% से ज्यादा पड़े वोट, आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान; CEC ने वोटर्स को किया सलाम

West Bengal-Tamil Nadu Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के संपन्न हुए मतदान में 91 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उधर, तमिलनाडु की संभी 234 सीटों पर 84 फीसदी से ज्यादा मत डाले गए। इनमें से कई ऐसी सीटें हैं, जहां अबतक के इतिहास में सबसे अधिक मतदान किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बंगाल में आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान हुआ है।

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विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं की लाइन

West Bengal-Tamil Nadu Assembly Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान समाप्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय से पहले मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी गई। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में छह बजे तक 91 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसमें दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक 93.12 प्रतिशत मतदान हुआ। उधर, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर वोटरों ने जमकर वोटिंग की, जहां अबतक 84 फीसदी से ज्यादा मत डाले गए। भारत के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज़ादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज़्यादा पोलिंग परसेंटेज हुआ है। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हर वोटर को सलाम करता है।"

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए शाम छह बजे तक 3.60 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से लगभग 91 प्रतिशत ने मतदान किया। यह मतदान प्रतिशत राज्य के हालिया चुनावी इतिहास में सबसे अधिक है। राज्य के 16 जिलों में मतदान से 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 167 महिलाओं सहित 1,478 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा।

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में कतारों में खड़े नजर आए और जैसे-जैसे समय बीतता गया, मतदान की गति तेज होती गई। उम्मीदवारों पर हमलों समेत कुछ जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं ने बंगाल के चुनावी माहौल में तनाव पैदा कर दिया। निर्वाचन आयोग ने हिंसा के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

तमिलनाडु में बंपर वोटिंग

234 विधानसभा सीट पर गुरुवार को मतदान संपन्न हो गया, जहां शाम पांच बजे तक 82.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने बताया कि मतदान समापन के तय समय शाम छह बजे से पहले मतदान केंद्रों में मौजूद लोगों को मतदान करने की अनुमति दी गई। भारत निर्वाचन आयोग (ईसी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चुनाव में 573 करोड़ पात्र मतदाताओं में से लगभग 82.24 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि यह आंकड़ा शाम पांच बजे तक का है और अंतिम आंकड़ों में वृद्धि हो सकती है। तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीट के लिए मतदान बृहस्पतिवार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ और राज्यभर में मतदान केंद्रों में मतदाताओं की भीड़ उमड़ी।

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), मुख्य विपक्षी दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और अभिनेता-राजनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के बीच है।

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन (चेन्नई), अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल एवं भाजपा उम्मीदवार डॉ. तमिलिसाई सौदरराजन और एनटीके के शीर्ष नेता सीमन मतदान के शुरुआती घंटों में वोट डालने वालों में शामिल थे।

बंगाल चुनाव के दौरान हिंसक घटनाएं

बंगाल में उम्मीदवारों पर हमलों समेत कुछ जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं ने बंगाल के चुनावी माहौल में अपेक्षित तनाव पैदा कर दिया। निर्वाचन आयोग ने हिंसा के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

बीरभूम में तनाव बढ़ा

बीरभूम जिले के खारिसोल में अंतिम घंटों के दौरान तनाव काफी बढ़ गया, जब मतदाताओं ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में डाले गए वोट भाजपा के खाते में दर्ज हो रहे हैं। चुनाव अधिकारियों और नाराज मतदाताओं के बीच बहस छिड़ने के बाद स्थिति और बिगड़ गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों का एक समूह मतदान केंद्र के बाहर इकट्ठा हो गया और प्रदर्शन करने लगा।

शुभेंदु सरकार के साथ हाथापाई

इससे पहले, दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार के साथ उस समय हाथापाई की गई जब वह गड़बड़ी की खबरों के बाद एक मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे। शुभेंदु सरकार ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी पिटाई की गई और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई।हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शुभेंदु सरकार ने एक बूथ के पास अशांति फैलाने की कोशिश की थी जिसके कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।वहीं, एक अन्य घटना में आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के रहमत नगर में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर पथराव किया गया जिससे उसकी पिछली खिड़कियों के शीशे टूट गए।

मुर्शिदाबाद के नौदा में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और तृणमूल के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।

हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ता आमने-सामने

एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर जब एक मतदान केंद्र पर गए तो उन्हें तृणमूल समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। कबीर ने बाद में सत्तारूढ़ पार्टी पर डराने-धमकाने और गड़बड़ी का आरोप लगाया जबकि तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए हिंसा की निंदा की।

बीरभूम के लाभपुर और मालदा के चांचल में भाजपा के चुनाव एजेंट पर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा हमले किए जाने के आरोप लगे हैं। मुरारई में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में कम से कम दो लोग घायल हो गए जिससे जिले में तनाव और बढ़ गया। डोमकल में, मतदाताओं को बूथों तक पहुंचने से रोके जाने के आरोप लगे, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों की तैनाती आवश्यक हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि दोपहर तक निर्वाचन आयोग को मतदान से जुड़ी करीब 500 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि ’सीविजिल’ ऐप के माध्यम से 375 अन्य शिकायतें दर्ज की गईं। तृणमूल कांग्रेस ने दोपहर तक 700 से अधिक शिकायतें दर्ज कराने का दावा किया, जिनमें से कई ईवीएम में कथित खराबी और केंद्रीय बलों के आचरण से संबंधित थीं।

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ’’तृणमूल द्वारा संरक्षित अपराधी’’ मतदाताओं को डरा रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और बलों का उपयोग करने का आरोप लगाया। कूच बिहार के माथाभांगा में आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर तृणमूल और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। दोनों पक्षों ने मतदान केंद्रों के पास मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप एक-दूसरे पर लगाया जिसके बाद सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। पूर्व मेदिनीपुर के मोयना में उस समय तनाव फैल गया, जब भाजपा समर्थकों ने कथित तौर पर तृणमूल उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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