Assembly Election Results 2026: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर आज यानी 4 मई को होने वाली मतगणना का मंच तैयार है। चंद घंटों बाद चुनाव नतीजों के रुझाने आने शुरू हो जाएंगे। जिसको लेकर चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सहित तमाम इंतजाम किए हैं। विधानसभा चुनावों के साथ ही पांच राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी सामने आएंगे।
कब शुरू होगी मतगणना?
चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम सहित पांचों राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों की काउंटिंग 8 बजे से शुरू हो जाएगी। इसके लिए हर राज्यों में मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। सबसे ज्यादा बंगाल पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। बंगाल की 293 विधानसभा क्षेत्रों में मतों की पारदर्शी और सुचारू गिनती सुनिश्चित करने के लिए 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई।
यहां देखें चुनावी नतीजे
चुनाव आयोग (Election Commission) के मुताबिक, मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। इसके बाद जैसे-जैसे ईवीएम खुलती जाएगी नतीजे सभी के सामने आना शुरू हो जाएंगे। अगर आप भी सभी 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे और 5 राज्यों की 8 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे देखना चाहते हैं तो चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट results.eci.gov.in याhttps://www.timesnowhindi.com/elections पर देख सकते हैं।
बंगाल में क्या हैं इंतजाम
बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से राज्य भर के 77 मतगणना केंद्रों पर शुरू होगी।मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होगी। पहचान पत्रों का सत्यापन भी तीन चरणों में किया जाएगा। पहले और दूसरे चरण में, पहचान पत्र की मैन्युअल जांच की जाएगी। तीसरे चरण में, क्यूआर कोड सत्यापन आवश्यक होगा।
असम में कितने केंद्रों पर होगी काउंटिंग
असम की 126 विधानसभा सीट से 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य को समेटे हुए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना केंद्रों और ईवीएम वाले स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए सीएपीएफ की 25 कंपनियों (प्रत्येक में लगभग 100 जवान) को तैनात किया गया है।

काउंटिंग के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू (फोटो साभार: @ECISVEEP)
अधिकारियों ने बताया कि सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियों को स्थिर ड्यूटीपर रखा जाएगा, जबकि राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियों को जिलों में तैनात किया गया है। असम में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ था।
केरल में भी मतगणना केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम
केरल में 140 विधानसभा सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग ने 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र स्थापित किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं।
तमिलनाडु में 62 केंद्रों पर होगी काउंटिंग
तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य भर में 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए एक व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मतगणना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और पुलिस सहित लगभग 1.25 लाख कर्मियों को तैनात किया गया है।
ईवीएम के लिए 234 मतगणना हॉल की व्यवस्था की गई है। डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए डाक मतपत्रों की गिनती के लिए अतिरिक्त 240 हॉल निर्धारित किए गए हैं। मतगणना कार्य के लिए कुल 10,545 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है, जिन्हें 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों का सहयोग प्राप्त है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 234 मतगणना पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है।
पुडुचेरी में खास इंतजाम
पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान की मतगणना के लिए 6 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी), भाजपा, अन्नाद्रमुक और एलजेके से मिलकर बने राजग को कांग्रेस, द्रमुक और वीसीके से मिलकर बने ’इंडिया’ गठबंधन से चुनौती मिल रही है।
किन सीटों पर हुआ उपचुनाव
गोवा, कर्नाटक, नगालैंड, गुजरात और महाराष्ट्र की आठ सीट पर भी मतगणना होगी, जहां मौजूदा विधायकों के निधन के बाद पिछले महीने उपचुनाव हुए थे। आठ निर्वाचन क्षेत्रों में गोवा का पोंडा, कर्नाटक का बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण, नगालैंड का कोरीडांग, त्रिपुरा का धर्मनगर, गुजरात का उमरेथ और महाराष्ट्र का राहुरी और बारामती शामिल है।
