Bihar Assembly Election 2025: बिहार चुनाव का शंखनाद हो चुका है। सभी 243 सीटों पर सियासी सरगर्मी बढ़ चुकी है। राजनीतिक दलों के बीच टिकट बंटवारे का दौर जारी है। चुनावी दावे और राजनीतिक शोर शराबे के बीच 'टाइम्स नाउ नवभारत' राज्य भर में घूम-घूमकर जनता का मिजाज टटोल रहा है।
बीजेपी का आरजेडी पर निशाना
बक्सर में सियासी बहस में हिस्सा लेते हुए बीजेपी नेता ओमप्रकाश भुवन ने राजद पर निशाना साधा। उन्होंने IRCTC घोटाले मामले का जिक्र करते हुए कहा कि लालू यादव परिवार ने बिहार को बदहाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं, उन्होंने हाल ही में तेजस्वी यादव द्वारा हर घर सरकारी नौकरी देने के वादे पर तंज कसते हुए 'तीनतसियागिरी' शब्द का जिक्र किया, जहां दिखता कुछ है और बताया कुछ और जाता है।
आरजेडी का पलटवार
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के नेता संतोष भारती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट सरकार के इशारों पर काम कर रही है। जनसुराज पार्टी के नेता दिवाकर पाठक ने कहा कि जंगलराज से निकनलने के लिए बिहार की जनता ने जेडीयू और भाजपा को वोट दिया, लेकिन साल 2005 से पहले राज्य में साल भर में 3500 से ज्यादा मर्डर हुआ करते थे। आज के समय में राज्य में 3000 हजार मर्डर हो रहे हैं। राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध दोनों कायम हैं।
कांग्रेस नेता संजय कुमार पांडे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने कालाधन मिटाने का वादा किया था। रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बात करें बक्सर की तो कांग्रेस के दौर में जो स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सड़कें बनी थी, वही आज हैं। यहां पर कुछ विकास नहीं हुआ।
बक्सर की जनता ने क्या कहा?
वहीं, बक्सर की जनता ने कहा कि मौजूदा विधायक ने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया। जनता ने कहा कि नीतीश सरकार महिलाओं को 10000 रुपये दे रही है, तो इससे विपक्ष को क्या तकलीफ हो रही है।
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बक्सर का चुनावी समीकरण
बक्सर के चुनावी समीकरण पर नजर डालें तो यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर है। बक्सर विधानसभा सीट पर सवर्ण मतदाताओं को बोलबाला रहा है। इस सीट पर लंबे समय तक भाजपा का कब्जा रहा। हालांकि, साल 2015 में कांग्रेस उम्मीदवार संजय कुमार तिवारी 'मुन्ना तिवारी' ने बीजेपी उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की थी। साल 2020 विधानसभा चुनाव में भी संजय कुमार ने जीत का सिलसिला जारी रखा।
वोट शेयर की बात करें तो संजय कुमार तिवारी (कांग्रेस) को 42.7% वोट मिले थे। वहीं बीजेपी उम्मीदवार परशुराम चौबे को भी 36.38% वोट मिले थे। महज 3,892 वोटों से कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी।
इस विधानसभा सीट में ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत बड़ी संख्या में हैं। इन तीनों वर्गों को साधकर कांग्रेस पिछले दो चुनावों से बाजी मार रही है। इस बार बीजेपी सवर्णों को लुभाने में जुटी है।
