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'कई घरों में खाना नहीं बनेगा', मन मुताबिक सीटें नहीं मिलने पर छलका उपेंद्र कुशवाहा का दर्द

एनडीए में विधानसभा की 243 सीटों के लिए जो सीट बंटवारा है उसके मुताबिक भाजपा और जद-यू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान) 29 सीटों, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में रविवार को हुई एनडीए की बैठक में सीट शेयरिंग की घोषणा हुई।

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राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Bihar Assembly Election 2025: बिहार चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दलों के बीच सीटों का बंटवारा हो गया है लेकिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा इस सीट बंटवारे से खुश नहीं हैं। मन मुताबिक सीटें नहीं मिलने पर उनका दर्द छलक आया है। अपनी इस पीड़ा को उन्होंने X पर जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि 'आप सभी से क्षमा चाहता हूं। आपके मन के अनुकूल सीटों की संख्या नहीं हो पायी। मैं समझ रहा हूं, इस निर्णय से अपनी पार्टी के उम्मीदवार होने की इच्छा रखने वाले साथियों सहित हजारों - लाखों लोगों का मन दुखी होगा। आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा।'

फैसला उचित है या अनुचित यह समय बताएगा-कुशवाहा

कुशवाहा ने आगे कहा कि 'परन्तु आप सभी मेरी एवं पार्टी की विवशता और सीमा को बखूबी समझ रहे होंगे। किसी भी निर्णय के पीछे कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जो बाहर से दिखतीं हैं मगर कुछ ऐसी भी होती हैं जो बाहर से नहीं दिखतीं। हम जानते हैं कि अन्दर की परिस्थितियों से अनभिज्ञता के कारण आपके मन में मेरे प्रति गुस्सा भी होगा, जो स्वाभाविक भी है। आपसे विनम्र आग्रह है कि आप गुस्सा को शांत होने दीजिए, फिर आप स्वयं महसूस करेंगे कि फैसला कितना उचित है या अनुचित। फिर कुछ आने वाला समय बताएगा। फिलहाल इतना ही।'

एनडीए में हुआ सीटों का बंटवारा

एनडीए में विधानसभा की 243 सीटों के लिए जो सीट बंटवारा है उसके मुताबिक भाजपा और जद-यू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान) 29 सीटों, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में रविवार को हुई एनडीए की बैठक में सीट शेयरिंग की घोषणा हुई। बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों छह नवंबर और 11 नवंबर को होंगे जबकि चुनाव नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनडीए में सीट बंटवारे की घोषणा की।

15 सीटें मांग रहे थे मांझी

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) कम से कम 15 सीट की मांग कर रही थी और उसे छह सीट दी गई हैं। राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को भी छह सीट मिली हैं। यह पहला मौका है जब 2005 में राजद शासन के 15 वर्ष समाप्त कर सत्ता में आई जदयू और भाजपा के बराबर सीट पर चुनाव लड़ेगी। यह माना जा रहा है कि गठबंधन के भीतर भाजपा का राजनीतिक प्रभाव बढ़ा है और क्षेत्रीय सहयोगी जदयू का वर्चस्व कुछ कम हुआ है।

'यह शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है'

चिराग पासवान की पार्टी को अधिक सीट मिलने के सवाल पर मांझी ने कहा, 'यह शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है।' राजग के ज्यादातर घटक दलों ने 2020 के मुकाबले इस बार कम सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। केवल कुशवाहा की पार्टी अपेक्षाकृत नई है और पहली बार विधानसभा चुनाव में उतर रही है। उपेंद्र कुशवाहा ने ‘एक्स’ पर लिखा, 'राजग सहयोगियों ने आपसी चर्चा के बाद सौहार्दपूर्ण माहौल में सीट बंटवारे की प्रक्रिया पूरी की। हम सभी इस सर्वसम्मत निर्णय का स्वागत करते हैं।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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