Rohini Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली की हाई प्रोफाइल सीट में रोहिणी भी शामिल है। यहां से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार एवं मौजूदा विधायक विजेंद्र गुप्ता का मुकाबला आम आदमी पार्टी के प्रदीप मित्तल से है। कांग्रेस से सुमेश गुप्ता भी चुनाव मैदान में हैं। भाजपा यहां से हैट्रिक लगाने की तैयारी में है तो इस सीट पर कब्जा करने के लिए AAP ने इस बार अपना प्रत्याशी बदला है। इस सीट को जीतने के लिए आप ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। तो वहीं कांग्रेस इस सीट पर लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है।
2013 के चुनाव में AAP जीती
पिछले चुनाव की अगर बात करें तो इस सीट से विजेंद्र गुप्ता विजयी हुए। गुप्ता 54.04 फीसद वोट मिले जबकि आपके राजेश नामा बंसीवाला को 43.04 प्रतिशत वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार सुमेश गुप्ता को 1.71 फीसद वोट मिले। पिछले और 2015 के चुनाव में इस सीट से भाजपा के विजेंद्र गुप्ता विजयी हुए। जबकि 2013 के चुनाव में इस सीट पर केजरीवाल की पार्टी जीती थी।
कुल वोटरों की संख्या 173133
रोहिणी सीट पर कुल वोटरों की संख्या 173133 है। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 89,139 और महिला वोटरों की संख्या 83,397 है। इस सीट पर 2008 से अब तक चार बार विधानसभा के चुनाव हुए हैं, जिसमें तीन बार बीजेपी ने जीत हासिल की है और सिर्फ एक बार 2013 में आम आदमी पार्टी ने जीत का स्वाद चखा था। पिछले 10 साल से विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर विजेंद्र गुप्ता लगातार दो बड़ी जीत हासिल कर चुके हैं। रोहिणी विधानसभा सीट के कई चुनावी मुद्दे हैं। रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में खस्ताहाल सड़कें और विकास अहम मुद्दा है। विजेंद्र गुप्ता तीन बार के पार्षद हैं और दो बार से विधायक चुने जा रहे हैं।
सीवरेज जाम, गंदे पानी की निकासी बड़ा मुद्दा
रोहिणी इलाके में हाईराइज सोसायटियों के अलावा एलआईजी, एमआईजी और जनता फ्लैट जैसे डीडीए के हाउसिंग अपार्टमेंट भी हैं। यहां जेजे कॉलोनियां भी हैं। हर जगह रहने वालों की अपनी अलग-अलग समस्याएं हैं। सेक्टर-7 और 8 जैसे कई इलाकों में ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या सबसे बड़ी है। वहीं रोहिणी के सेक्टरों में रह रहे लोगों को इंटरनल ट्रांसपोर्ट की कमी महसूस होती है। यहां के लोगों के लिए स्ट्रीट डॉग्स भी एक बड़ी समस्या है। इसके अलावा जेजे क्लस्टर में सीवरेज जाम, गंदे पानी की निकासी नहीं होना, ड्रेनेज की सफाई व गंदगी एक अहम मुद्दा है।
