Rajasthan Elections 2023: राजस्थान में इस बार का विधानसभा चुनाव राज (सरकार) और 'रिवाज" बदलने की लड़ाई से जुड़े रण के रूप में देखा गया। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कुछ दशकों में परंपरागत रूप से सूबे में हर विधानसभा चुनाव में राज यानी सरकार बदल जाती है...एक बार कांग्रेस तो एक बार भाजपा। भाजपा को बाकी बातों के अलावा इस 'रिवाज' से बड़ी आस है, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि इस बार यह 'रिवाज' बदलेगा और दोबारा उसकी सरकार बनेगी।
दरअसल, उत्तर भारत का यह सूबा परंपरागत रूप से "दो दलीय राज्य" के तौर पर देखा जाता है, जहां पिछले कुछ दशकों में सत्ता वैकल्पिक हाथों में ट्रांसफर होने की प्रवृत्ति देखी गई है। मतदान के बाद जहां कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षक मतदान के प्रतिशत को देखते हुए भाजपा की तरफ रुझान मान रहे हैं। साथ ही चर्चा हुई कि क्या बागी और बसपा, सपा और आप जैसी अन्य पार्टियां नतीजों में बदलाव ला सकती हैं?

Rajasthan Elections
सूत्रों ने इस बारे में समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टीम के साथ पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का खेमा भी नतीजे का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। वे तलाश कर रहे हैं कि क्या उनकी संबंधित पार्टियां 85 से अधिक सीटें हासिल कर लेंगी, ताकि वे निर्दलीय, आरएलपी, एसपी और अन्य पार्टियों के साथ मिलकर 100 का जादुई आंकड़ा छू सकें।

Rajasthan Female Voter
राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भंडारी की मानें तो कांग्रेस लगभग 70 सीटें जीतती दिख रही है। ऐसे में उनके लिए सरकार बनाना मुश्किल लग रहा है। कांग्रेस सरकार बनी तो सी.पी. जोशी और भाजपा की सरकार बनी तो सचिन पायलट को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है। इस बीच, अन्य राजनीतिक विश्लेषक भी भाजपा की सरकार बनाने का संकेत दे रहे हैं। वैसे, चर्चा इसकी है कि "मुख्यमंत्री कौन बनेगा?"

Voting in Rajasthan
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर भाजपा को 100 के आसपास सीटें मिलती हैं तो गेंद राजे के पाले में जा सकती है। उन्हें नेतृत्व करने का मौका दिया जा सकता है। ऐसे में पार्टी को मजबूत करने के लिए निर्दलीय समेत अन्य विधायकों को भी एकजुट किया जा सकता है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि गहलोत और उनकी टीम भी इसी तरह के संयोजन पर विचार कर रही है। अगर पार्टी को 75 से अधिक सीटें मिलती हैं, तो राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए निर्दलीय बागियों और बसपा के विधायकों को एकजुट किया जा सकता है।
पिछले दो कार्यकाल में बसपा के सभी छह विधायक दलबदलुओं की भूमिका निभाते हुए कांग्रेस में विलय कर चुके हैं। इसी तरह समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी इस बार राजस्थान में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने अभी तक राज्य में खाता नहीं खोला है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, भारत आदिवासी पार्टी के नेताओं को 3-3 सीटें जीतने की उम्मीद है। वैसे, शनिवार (25 नवंबर, 2023) को कांग्रेस और भाजपा, दोनों ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी सरकार बनाएगी।

Rajasthan Polls
राजस्थान में असल सियासी टक्कर सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में मानी जा रही है। कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार अभियान को मुख्य रूप से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के कामों, उसकी योजनाओं और कार्यक्रमों पर केंद्रित किया। कांग्रेस ने एक ओर घोषणा पत्र में सात महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा राज्य में अपराध, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रही। वैसे, राज्य में 200 विधानसभा सीट हैं, पर करणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया है जिसके कारण 199 सीटों पर 25 नवम्बर, 2023 को मतदान हुआ।
