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योगी आदित्यनाथ बोले-फिर से UP को बांटने की कोशिश, समाजवादी पार्टी की तरफ इशारा

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Nov 23, 2022, 07:37 AM IST

यूपी में मैनपुरी, रामपुर और खतौली सीट की लड़ाई सपा और बीजेपी दोनों के लिए अहम है। एक तरफ अखिलेश यादव के सामने अपने गढ़ को बचाने की चुनौती है तो बीजेपी आजमगढ़ और रामपुर संसदीय सीट की तरह नतीजों को दोहराने की कोशिश कर रही है।

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योगी आदित्यनाथ, सीएम, यूपी

यूपी में मैनपुरी लोकसभा, खतौली विधानसभा और रामपुर विधानसभा के लिए दिसंबर में उपचुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव को समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों के लिए अहम माना जा रहा है, हालांकि समाजवाजी पार्टी की प्रतिष्ठा सबसे अधिक दांव पर है। मैनपुरी सीट में सपा के संरक्षक मुलायम सिंह सांसद थे। उनके निधन के बाद डिंपल यादव अपनी किस्मत आजमां रही हैं तो रामपुर में आजम खान की विधायकी जाने के बाद उपचुनाव हो रहा है। खतौली की सीट पर समाजवादी पार्टी अपने घटक दल आरएलडी के साथ चुनावी मैदान में है। इन तीनों सीटों के लिए प्रचार के दौरान जुबानी जंग तेज हो चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों ने यूपी को परिवार और जाति के लिए बांट दिया अगर मौका मिला तो दोबारा वही काम करेंगे।

2017 से पहले माहौल था खराब

गाजियाबाद में प्रबुद्धजन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन लोगों ने सामाजिक ताने बाने को नष्ट करने की कोशिश की है। उनकी आदत आज भी नहीं गई है। जब वे सत्ता में थे तो अराजकता, अव्यवस्था चरम पर थी। गैंगेस्टर और माफियाओं को बढ़ावा देते थे। हम उन्हें एक बार फिर मौका नहीं देना चाहते हैं। अगर आप पश्चिम यूपी की बात करें तो 2017 से पहले हालात बेहद खराब थे। समाज का हर एक वर्ग चाहे व्यापारी, औरतें असुरक्षित था। क्रिमिनल और माफिया संगठित अपराध किया करते थे और उसकी वजह से आम लोगों का जीना दुभर हो गया था। कोई भी निवेशक यूपी में निवेश से कतराता था।

पांच साल में हालात बदले

लेकिन पिछले पांच साल में हालात में बदलाव हुए हैं। अब यूपी, निवेशकों के लिए अच्छी जगह बन चुका है। अब ना सिर्फ व्यापार करना आसान हुआ है बल्कि कोई भी स्टार्ट अप के जरिए खुद और औरों को रोजगार देने का काम कर सकता है और इसके पीछे सिर्फ सरकार की अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। प्रबुद्ध समाज के बारे में सीएम ने कहा कि आपलोगों ने लोगों के बीच सरकार के बारे में सही धारणा बनाने में मदद की है। सरकार का स्पष्ट मत है कि डबल इंजन की जो ताकत मिली है उसका उपयोग प्रदेश की बेहतरी के लिए किया जाए। यही नहीं अब जब निकाय चुनाव भी सामने हैं तो हमें ट्रिपल इंजन वाली सरकार के बारे में सोचना चाहिए।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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