Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025 : दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटों के लिए चुनावी घमासान जारी है। राज्य में मुख्य लड़ाई आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच है। इस बार तीनों दलों के कद्दावर नेता एवं दिग्गज चेहरे चुनावी मैदान में हैं। कई सीटों पर हाई प्रोफाइल चेहरे अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। इससे मुकाबला दिलचस्प और कांटे का बन गया है। सीटें त्रिकोणीय लड़ाई में फंसती नजर आ रही हैं। इन्हीं में से एक सीट मालवीय नगर है। दक्षिणी दिल्ली की इस सीट पर आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती, भाजपा के सतीश उपाध्याय और कांग्रेस के जितेंद्र कुमार कोचर के बीच है।
तीन बार से जीतते आए हैं सोमनाथ भारती
मालवीय नगर सीट से अभी सोमनाथ भारती मौजूदा विधायक हैं। पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। तो भाजपा ने दिल्ली के अपने पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को टिकट दिया है। जबकि कांग्रेस से जितेंद्र कोचर ताल ठोक रहे हैं। सोमनाथ तीन बार से इस सीट पर जीत दर्ज करते आए हैं लेकिन इस बार भाजपा और कांग्रेस ने इस सीट पर पूरा जोर लगा दिया है। इससे भारती की राह इस बार आसान नहीं लग रही है। मालवीय नगर पॉश इलाका है। हालांकि, ययहां यूपी, हरियाणा, राजस्थान के लोग भी रहते हैं।
वोटरों की कुल संख्या 1,55,712
मालवीय नगर सीट पर मतदाताओं की अगर बात करें तो इस सीट पर कुल वोटरों की संख्या 1,55,712 है। सीट पर पुरुष मतदाताओं की संख्या 83,067 और महिला वोटरों की संख्या 72,641 है। थर्ड जेंडर भी 04 हैं। 2020 के चुनाव में इस सीट पर सोमनाथ विजयी हुए। सोमनाथ को 52,043 वोट यानी 57.97 फीसद वोट मिले। दूसरे स्थान पर भाजपा रही। भाजपा को उम्मीदवार को 33,899 वोट यानी 37.76 प्रतिशत वोट और कांग्रेस उम्मीदवार को 2856 वोट (3.18%) मिले।
पहली बार 1977 में चुनाव हुआ
मालवीय नगर सीट पर पहली बार चुनाव 1977 में हुआ। इस चुनाव में जनता पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली। इसके बाद इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा हो गया। 1998, 2003 और 2008 में यह सीट कांग्रेस के खाते में रही। फिर 2013 के चुनाव में आम आदमी पार्टी यहां से विजयी हुई। तब से यह सीट AAP के पास है। 1993 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा विजयी हुई थी। चुनावी मुद्दे की अगर बात करें तो इस सीट पर लोग सीवर और टूटी सड़कों की वजह से परेशान हैं। खासकर गौतम नगर, सर्वोदय एन्क्लेव, कृष्णा नगर और अर्जुन नगर में लोग सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें करते आए हैं। कई जगहों पर अतिक्रमण भी एक बड़ा समस्या है।
