महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी हार मिली है। इस हार के बाद एनडीए में फूट की बात भी कही जा रही है। एनडीए की सहयोगी एनसीपी अजित पवार के कई विधायकों के संपर्क से बाहर होने के दावों के बाद अब भतीजे के स्वर बदलने लगे हैं। अजित पवार ने बीजेपी के मंत्री पर बड़ा हमला बोला है, वो भी अपने चाचा के लिए।
'चाचा के खिलाफ नहीं देना चाहिए बयान'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने हाल के लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान राज्य के भाजपा मंत्री चंद्रकांत पाटिल द्वारा शरद पवार पर की गयी टिप्पणी को लेकर नाखुशी जतायी है। मतदान पर नकारात्मक प्रभाव का ठीकरा भाजपा के मंत्री पर फोड़ने की कोशिश करते हुए अजित पवार ने कहा कि पाटिल को उनके चाचा के खिलाफ बयान नहीं देना चाहिए था।
क्या रहा था चंद्रकांत पाटिल ने
पाटिल ने शरद पवार की मजबूत पकड़ वाले क्षेत्र बारामती में संवादाताओं को संबोधित करते हुए उन्हें (शरद पवार को) हराने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने राकांपा के शीर्ष नेता पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन के 161 सीट जीतने के बावजूद भी शिवसेना को अपने साथ लाकर 2019 के (विधानसभा) चुनाव के जनादेश की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। पाटिल ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था- "मैं और मेरी पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि बारामती में शरद पवार हार जाएं और हमारे लिए इतना ही काफी है।"
हार का ठिकरा भाजपा के सिर पर?
अजित पवार ने गुरुवार को कहा कि मैंने तब यह कहा था और अब भी मैं यह कह रहा हूं। लोगों ने उनका (पाटिल का) यह बयान पंसद नहीं किया कि वह (शरद) पवार को हराने के लिए बारामती आये हैं। अजित पवार के इस नए बयान को चुनावी हार का जिम्मा इस संसदीय क्षेत्र में पाटिल के बयान से पैदा हुए ‘नकारात्मक प्रभाव’ पर डालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
एजेंसी एनपुट के साथ
