MP Bypolls 2024: देश के सात राज्यों की 13 सीटों पर 10 जुलाई यानी बुधवार को विधानसभा का उपचुनाव होना है। इनमें से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट पर जीत के लिए मुख्य राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस पार्टी ने दमखम झोंक दिया है। कांग्रेस पार्टी से भाजपा का दामन थाम चुके बीजेपी उम्मीदवार कमलेश शाह का राजनीतिक भविष्य भी साख पर है। कमलेश शाह की सीट पर जीत दिलाने के लिए खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत अन्य दिग्गज नेताओं ने प्रचार-प्रसार में भाग लिया है। शाह के पक्ष में कई जनसभाओं के जरिए वोटों की अपील की गई है।
कांग्रेस से मैदान में धीरन शाह
उधर, कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह ने भी अपनी ताकत झोंक दी है। धीरज की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अपना दमखम लगा दिया है। पार्टी के पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कई दिग्गजों ने धीरन शाह के लिए चुनावी प्रचार कर वोट करने की अपील की है।
कमलनाथ की साख दांव पर!
यह उपचुनाव दोनों पार्टियों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। खासकर भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप किया है। पार्टी ने राज्य की 29 की 29 सीटों पर जीत दर्ज कर कीर्तिमान बनाया है। फिलहाल, इस बार अमरवाड़ा सीट से उपचुनाव में 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस के लिए फिर से साख बचाने का वक्त है क्योंकि छिंदवाड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का गृह क्षेत्र है।
उधर, सीएम मोहन यादव के लिए भी यह उपचुनाव काफी अहम है। सात महीने के भीतर मुख्यमंत्री की दोबारा चुनावी परीक्षा है। लिहाजा, वो इस चुनाव को हल्के में नहीं ले रहे हैं। वे पूरी तरह लोगों के बीच एक्टिव हैं। अगर, कमलेश शाह की बात करें तो वो इसी साल 29 मार्च को छिंदवाड़ा लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने, राज्य विधानसभा से इस्तीफा भी दे दिया था, जिसके बाद उन्हें उपचुनाव में उतरना पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कमलेश कांग्रेस नेता कमलनाथ के करीबी माने जाते थे। इस लिहाज से उनके दल-बदल से कांग्रेस और कमलनाथ को बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
