Lok Sabha Election 2024: 2024 का लोकसभा चुनाव सीटों के मामले में आधे का आंकड़ा पार कर चुका है। 13 मई को चौथे चरण का मतदान होगा। चौथे चरण में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 96 सीटों के लिए 1,717 उम्मीदवार मैदान पर होंगे। यह चरण खास तौर पर दिलचस्प है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में स्विंग सीटें शामिल हैं। यानी ऐसी सीटें जहां पिछले तीन चुनावों में किसी भी एक पार्टी ने लगातार जीत हासिल नहीं की है।
21 स्विंग सीटें
चौथे चरण में 21 ऐसी स्विंग सीटें हैं जहां कांटे का मुकाबला रहता है। इन सीटों पर किसी पार्टी को लगातार जीत हासिल नहीं होती है। ये सीटे हैं- अमलापुरम, अनाकापल्ली, अनंतपुर, बापटला, एलुरु, काकीनाडा, नरसापुरम, राजमुंदरी, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, खम्मम, श्रीनगर, मुंगेर, भोंगिर, मल्काजगिरी, सिंहभूम, आदिलाबाद, बर्दवान-दुर्गापुर, कालाहांडी, करीमनगर और निज़ामाबाद। इन सीटों पर इस बार नतीजा देखने लायक रहेगा।ये सीटें पार्टियों का गढ़
इस चरण में 20 सीटें ऐसी हैं जो किसी न किसी पार्टी का गढ़ हैं। इनमें महबूबनगर, मेडक, मावल, शिरडी, बहरामपुर, नलगोंडा, अहमदनगर, बीड, दरभंगा, इंदौर, जलगांव, जालना, खरगोन, खूंटी, लोहरदगा, रावेर, बेरहामपुर, बीरभूम, कृष्णानगर और हैदराबाद शामिल हैं। 20 में से 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी का गढ़ हैं, जबकि दो-दो सीटें भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), शिवसेना (SHS), कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का गढ़ हैं। एक-एक सीट एआईएआएम (AIMIM) और (BJD) के पास भी है।
अधिकतर सीटों पर कांटे की टक्कर रही
2019 के चुनावों में चौथे चरण की इन सीटों पर ज्यादातर कांटे की टक्कर देखी गई थी। किसी भी पार्टी ने 40 प्रतिशत से अधिक अंतर से सीट नहीं जीती। सिर्फ तीन सीटों - झारखंड में पलामू, महाराष्ट्र में जलगांव और जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर में जीत का अंतर 35 प्रतिशत से अधिक रहा। जहां भारतीय जनता पार्टी ने पलामू और जलगांव सीटों पर 37.8 प्रतिशत और 39.5 प्रतिशत के अंतर से जीत हासिल की, वहीं फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस ने श्रीनगर सीट पर 37.5 प्रतिशत के अंतर से जीत हासिल की।
11 सीटों पर एक प्रतिशत से भी कम अंतर से जीत
पिछले चुनाव में चौथे चरण की अमूमन सभी सीटों पर कड़ी टक्कर देखी गई थी। 11 सीटों पर एक प्रतिशत से भी कम वोटों से जीत हासिल की गई थी। तेलुगु देशम पार्टी ने आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा, श्रीकाकुलम और गुंटूर में 0.7, 0.6 और 0.4 प्रतिशत की जीत के अंतर से जीत हासिल की। कांग्रेस ने तेलंगाना की मल्काजगिरी और भोंगिर सीटें 0.7 प्रतिशत और 0.4 प्रतिशत के अंतर से जीती थीं। अन्य करीबी मुकाबले वाली सीटें विशाखापत्तनम, गुंटूर, खूंटी, औरंगाबाद, कोरापुट, जहीराबाद और बर्धमान-दुर्गापुर रहीं।
