इलेक्शन

Haryana: कांग्रेस से नाराजगी पर खुलकर बोलीं कुमारी शैलजा, बता दिया चुनाव प्रचार करेंगी या नहीं

Haryana Elections: क्या कांग्रेस महासचिव कुमारी शैलजा अपनी पार्टी से नाराज है? उन्होंने इसे लेकर अपना रुख साफ कर दिया है कि वो विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करेंगी या नहीं। इसी बीच भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कांग्रेस दलित विरोधी पार्टी है, उसने कुमारी शैलजा का अपमान किया।

Image

कुमारी शैलजा

Photo : PTI

Selja Kumari on Congress: कांग्रेस महासचिव कुमारी शैलजा ने नाराजगी की खबरों के बीच सोमवार को कहा कि वह कांग्रेसी हैं और अगले दो-तीन दिन में चुनाव प्रचार शुरू करेंगी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक को लेकर कहा कि शीर्ष नेताओं के साथ अक्सर चर्चा होती रहती है। पूर्व केंद्रीय मंत्री शैलजा ने कहा, 'पार्टी में 100 तरह की बातें होती हैं, लेकिन वो पार्टी के अंदर की बातें होती हैं। पार्टी को जिताने के लिए हमने लोकसभा चुनाव में मेहनत की, उसके बाद भी मेहनत की, इसलिए कि हम जमीन पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत कर सकें, हरियाणा के लोगों की लड़ाई लड़ें, अपने कार्यकर्ताओं की लड़ाई लड़ें।'

कांग्रेस से नाराजगी पर शैलजा ने तोड़ दी चुप्पी

उनका कहना था, 'हमें उसी काम को आगे ले जाते हुए कांग्रेस की सरकार बनानी है।' यह पूछे जाने पर कि वह चुनाव प्रचार कब शुरू करेंगी तो शैलजा ने कहा, 'अगले दो-तीन दिनों में चुनाव प्रचार शुरू करूंगी।' कांग्रेस नेतृत्व के साथ अपनी बैठक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'नेताओं के साथ अक्सर चर्चा होती है, वो हमारा फीडबैक लेते हैं।'

हरियाणा में कब चुनाव प्रचार करेंगी कुमारी शैलजा?

भाजपा के कटाक्ष और उनको अपने साथ आने का निमंत्रण देने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, 'मैं चुप थी, इसलिए वो कुछ कुछ बातें करते हैं। उनको भी मालूम और सबको मालूम है कि शैलजा कांग्रेसी हैं।' इससे पहले, पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को कहा कि शैलजा 26 सितंबर को नरवाना में चुनावी सभा को संबोधित करेंगी।

शैलजा को भाजपा में शामिल होने का मिला ऑफर

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव 61 वर्षीय शैलजा पार्टी का एक प्रमुख दलित चेहरा हैं। हरियाणा में आगामी पांच अक्टूबर को मतदान होने जा रहा है। ऐसे में सत्तारूढ़ भाजपा, दलित नेता के चुनाव प्रचार से दूर रहने को लेकर कांग्रेस पर लगातार निशाना साध रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर लाल खट्टर ने शैलजा को अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राज्य इकाई में कथित अंदरूनी कलह की ओर भी इशारा किया था।

अमित शाह बोले- कुमारी शैलजा का अपमान हुआ

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसे 'दलित विरोधी' पार्टी करार दिया और कहा कि उसने कुमारी शैलजा और अशोक तंवर जैसे दलित नेताओं का 'अपमान' किया है। शाह ने आरक्षण के संबंध में टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई आरक्षण की रक्षा कर सकता है, तो वह केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। शाह पांच अक्टूबर को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए टोहाना में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शाह ने अपने संबोधन में आरोप लगाया, 'कांग्रेस दलित विरोधी पार्टी है। कांग्रेस ने हमेशा दलित नेताओं का अपमान किया, चाहे वह अशोक तंवर हों या बहन कुमारी शैलजा। कांग्रेस ने सभी का अपमान किया।' सत्तारूढ़ भाजपा दलित नेता शैलजा के चुनाव प्रचार से दूर रहने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है।

राहुल गांधी की टिप्पणी का अमित शाह ने किया जिक्र

शैलजा के चुनाव प्रचार से दूर रहने की खबरों के बीच हाल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शैलजा को भाजपा में शामिल होने का न्योता दिया था। आरक्षण पर गांधी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, 'राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा था कि विकास के बाद आरक्षण की कोई जरूरत नहीं है। वे (कांग्रेस) विकास के बाद आरक्षण हटा देंगे।' शाह ने उपस्थित लोगों से पूछा, 'हमारा हरियाणा पूरी तरह से विकसित राज्य है। आपको आरक्षण चाहिए या नहीं?' उन्होंने कहा कि अगर कोई अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की रक्षा कर सकता है, तो वह केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं।

कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती सरकार पर हमला करते हुए शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने से पहले सरकारी नौकरियां बिना ‘खर्ची-पर्ची’ के नहीं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि यह भाजपा नीत सरकार ही है, जिसने पारदर्शी तरीके से नौकरियां दी हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article