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Jammu Kashmir: क्या फिर भाजपा -पीडीपी के बीच होगा गठबंधन? महबूबा मुफ्ती ने खुद दिया जवाब

Election News: क्या 2014 की तरह एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और जम्मू-कश्मीर पीडीपी के बीच गठबंधन होने वाला है? इस सवाल का जवाब खुद महबूबा मुफ्ती ने दिया और ये साफ कर दिया कि भाजपा के साथ गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने इस दौरान बीजेपी पर निशाना साधते हुए क्या कुछ कहा, इस रिपोर्ट में पढ़िए।

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महबूबा मुफ्ती ने किया बड़ा ऐलान।

Photo : ANI

Jammu and Kashmir Assembly Elections 2024: पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी तरह के गठबंधन की संभावना को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी के बिना सरकार गठन संभव नहीं होगा। मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी केवल सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ना चाहती है।

पीडीपी किस एजेंडे पर लग रही है विधानसभा चुनाव?

महबूबा ने यहां पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, '1947 से ही ये लोग ऐसा करते आ रहे हैं। इसके अलावा इनका कोई और उद्देश्य नहीं है। ये लोग सिर्फ सरकार बनाने के लिए, मंत्री पद के लिए गठबंधन करते हैं।' पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी एक एजेंडे पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी के बिना सरकार गठन संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा, 'हमने (2002 में) सिर्फ 16 विधायकों के साथ सरकार बनाई थी। अल्लाह ने चाहा तो इस बार भी पीडीपी के बिना कोई सरकार नहीं बनेगी।' हालांकि, मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी का ध्यान अपने एजेंडे को लागू करने पर अधिक है और सरकार गठन पर कम।

भाजपा से गठजोड़ की संभावना को कर दिया खारिज

महबूबा ने 2015 में भाजपा के साथ गठबंधन करके सरकार बनाई थी। हालांकि उन्होंने इस बार चुनाव के बाद भाजपा से गठजोड़ की संभावना खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए भाजपा से हाथ मिलाया था। मुफ्ती ने कहा कि आज कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि भाजपा ने उस दिशा में किए गए सभी प्रयासों को निष्फल कर दिया है।

बाद में नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता देवेंद्र सिंह राणा के एक बयान के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने जो कुछ किया, खुलकर किया जबकि इसके विपरीत नेशनल कॉन्फ्रेंस चुपचाप काम करती है। राणा ने कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस 2014 में भाजपा के साथ सरकार बनाना चाहती थी।

भाजपा पर महबूबा मुफ्ती ने लगा दिए गंभीर आरोप

महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'हम राम माधव के माध्यम से केंद्र सरकार से बात कर रहे थे, भाजपा से नहीं। और सब जानते हैं कि तब सबकुछ खुलकर किया गया। हम एक एजेंडा लाए और उसे लागू किया। हमने उमर (अब्दुल्ला) की तरह चुपचाप ऐसा नहीं किया।' उन्होंने कहा, 'राणा अब यह बात कह रहे हैं, गुलाम नबी आजाद ने पहले ही कहा था कि वे (नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता) दिल्ली में अंधेरे में उनसे (भाजपा से) मिलते हैं। हम कुछ भी छुपकर नहीं करते।'

'BJP से कोई संपर्क नहीं है और शायद होगा भी नहीं'

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी का भाजपा से कोई संपर्क नहीं है और शायद होगा भी नहीं। पीडीपी अध्यक्ष ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर जनता को परेशान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'उपराज्यपाल कहते हैं कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र होंगे। एसएसपी और एसएचओ ने लोगों को परेशान करना और उन्हें थानों पर बुलाना शुरू कर दिया है। मैं उपराज्यपाल से अनुरोध करती हूं कि कृपया उनसे ऐसा बंद करने को कहें।'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बुधवार को होने वाले जम्मू कश्मीर दौरे के संदर्भ में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनका बहुत बहुत स्वागत है। पीडीपी अध्यक्ष ने कहा, 'वह अपनी पार्टी के प्रचार के लिए कश्मीर आना चाहते हैं, उन्हें पूरा अधिकार है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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