Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के कारण 23 सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और छह तदर्थ एवं अस्थाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्र शासित प्रदेश में जारी विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई।
23 अधिकारियों को कर दिया गया निलंबित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पी के पोल ने कहा, 'चुनाव प्रचार और संबंधित राजनीतिक गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी का संज्ञान लेते हुए, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए 23 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और छह संविदा एवं तदर्थ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।'
उन्होंने कहा कि पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने की शिकायतों के चलते बीस और कर्मचारियों को उनके मौजूदा कार्यालयों से अन्य तहसीलों या जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
130 करोड़ रुपये नकद, अन्य सामग्री जब्त
जम्मू-कश्मीर में जारी विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कुल 1,263 उल्लंघनों की सूचना मिली और 130 करोड़ रुपये की नकदी तथा अन्य सामग्री जब्त की गई। निर्वाचन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पी के पोल ने बताया कि पुलिस विभाग ने सबसे अधिक 107.50 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।
एमसीसी उल्लंघन के लिए इन्हें जारी हुए नोटिस
उन्होंने बताया कि अब तक एमसीसी उल्लंघनों के कुल 1,263 मामले सामने आए, जिनमें से 600 को जांच एवं उचित कार्रवाई के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 364 शिकायतों की जांच जारी है, जिनका जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। इसके अलावा 115 उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मीडिया संस्थानों और अन्य को एमसीसी उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।सीईओ ने कहा कि मादक पदार्थ, नकदी और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन एजेंसियों ने 32 प्राथमिकी दर्ज की हैं। पोल ने कहा, 'वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कुल 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।'
