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Jammu Kashmir: आखिरी चरण की वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का धड़ाधड़ एक्शन, 130 करोड़ रुपये जब्त; 23 अधिकारी निलंबित

Assembly Elections: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग से ठीक पहले आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए 23 सरकारी अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं। वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ये जानकारी साझा की है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई।

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जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024

Photo : PTI

Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के कारण 23 सरकारी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और छह तदर्थ एवं अस्थाई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। केंद्र शासित प्रदेश में जारी विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई।

23 अधिकारियों को कर दिया गया निलंबित

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पी के पोल ने कहा, 'चुनाव प्रचार और संबंधित राजनीतिक गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी का संज्ञान लेते हुए, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए 23 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और छह संविदा एवं तदर्थ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।'

उन्होंने कहा कि पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने की शिकायतों के चलते बीस और कर्मचारियों को उनके मौजूदा कार्यालयों से अन्य तहसीलों या जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है।

130 करोड़ रुपये नकद, अन्य सामग्री जब्त

जम्मू-कश्मीर में जारी विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कुल 1,263 उल्लंघनों की सूचना मिली और 130 करोड़ रुपये की नकदी तथा अन्य सामग्री जब्त की गई। निर्वाचन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) पी के पोल ने बताया कि पुलिस विभाग ने सबसे अधिक 107.50 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।

एमसीसी उल्लंघन के लिए इन्हें जारी हुए नोटिस

उन्होंने बताया कि अब तक एमसीसी उल्लंघनों के कुल 1,263 मामले सामने आए, जिनमें से 600 को जांच एवं उचित कार्रवाई के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 364 शिकायतों की जांच जारी है, जिनका जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। इसके अलावा 115 उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मीडिया संस्थानों और अन्य को एमसीसी उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

सीईओ ने कहा कि मादक पदार्थ, नकदी और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन एजेंसियों ने 32 प्राथमिकी दर्ज की हैं। पोल ने कहा, 'वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कुल 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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