इलेक्शन

Haryana: भारत की सबसे अमीर महिला ने निर्दलीय जीता विधानसभा चुनाव, जानें कौन हैं सावित्री जिंदल

Hisar Election Result: भारत की सबसे अमीर महिला ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर ली है। सावित्री जिंदल ने हिसार विधानसभा सीट से 18 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। बतौर निर्दलीय उम्मीदवार उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को पटखनी दी। आपको उनसे जुड़ी खास बातें बताते हैं ।

Image

सावित्री जिंदल ने जीता निर्दलीय चुनाव।

Who is Savitri Jindal: हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सारे कयासों को पलट कर रख दिया। एग्जिट पोल का अनुमान धरा का धरा रह गया और भाजपा ने लगातार तीसरी बात सत्ता में वापसी कर ली। इस बीच सूबे की हिसार विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सावित्री जिंदल ने जीत हासिल कर ली है। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी।

कौन हैं सावित्री जिंदल और किसे हराया?

कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल की मां सावित्री जिंदल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार राम निवास राणा को 18,941 मतों के अंतर से हराया। सावित्री जिंदल को 49,231 वोट मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार ने 30,290 मत हासिल किए।

देश की सबसे अमीर महिला को जानिए

फोर्ब्स इंडिया ने इस साल सावित्री जिंदल को देश की सबसे अमीर महिला बताया है, जिनकी कुल संपत्ति 29.1 अरब अमेरिकी डॉलर है। हरियाणा की 90 सीट पर पांच अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हो गई। इसमें सावित्री जिंदल ने हिसार सीट से निर्दलीय जीत हासिल की।

सावित्री को बीजेपी से नहीं मिला था टिकट

जिंदल समूह की ‘मानद चेयरपर्सन’ सावित्री जिंदल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट नहीं मिलने पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में हिसार से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार किस्मत आजमाने का फैसला किया था। उन्होंने उस वक्त कहा था कि वह हिसार की जनता की मांग पर चुनाव लड़ रही हैं और यदि निर्वाचित हो जाती है तो वह सदन में उनकी आवाज मजबूती से उठाएंगी। हरियाणा की पूर्व मंत्री जिंदल ने कहा था कि 'हिसार की जनता मेरा परिवार है और वह चाहती थी कि मैं चुनाव लडूं।'

कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद नवीन जिंदल की मां सावित्री जिंदल ने सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता कमल गुप्ता के खिलाफ चुनाव लड़ा। गुप्ता हिसार से दोबारा निर्वाचित होने के लिए किस्मत आजमा रहे थे। उनके अलावा इस सीट से 19 और उम्मीदवार मैदान में थे।

हरियाणा की जीत पर क्या बोले मुख्यमंत्री सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों पर अपनी मुहर लगाई है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में मतदाताओं का भी आभार जताया। सैनी ने कहा, 'मैं इसका पूरा श्रेय मोदी जी को देता हूं। उनके आशीर्वाद से, उनके मार्गदर्शन में, हरियाणा के लोगों ने सरकार की नीतियों पर मुहर लगाई है।' सैनी ने जीत के लिए प्रधानमंत्री मोदी को उनके नेतृत्व, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article