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हिमाचल चुनाव :मोदी-बागी-प्रियंका का टेस्ट,नेशनल और लोकल में कौन पड़ेगा भारी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 11, 2022, 09:11 PM IST

Himachal Assembly Election 2022: बागी भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए परेशानी का सबब हैं। जहां तक भाजपा की बात है तो 18-20 बागी पार्टी के लिए मुसीबत बन सकते हैं। इसी तरह कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के कई उम्मीदवार के साथ-साथ बागी परेशानी खड़ी कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के लिए हर चुनाव की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ट्रंप कार्ड हैं।

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हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को वोटिंग

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की साख सबसे ज्यादा दांव पर है।
  • यूपी के बाद हिमाचल प्रदेश में प्रियंका गांधी का टेस्ट है।
  • बागी चुनाव बाद सरकार बनाने में बड़ा फैक्टर साबित हो सकते हैं।

Himachal Aseembly Election 2022: पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में शनिवार को वोटिंग होगी। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दावे के अनुसार रिवाज बदलेगा, या फिर कांग्रेस की उम्मीदों के अनुसार परंपरा कायम रहेगी। यह ऐसे कयास है, जिसका 8 दिसंबर को पता चल जाएगा। लेकिन इस बीच 12 नवंबर को होने वाली वोटिंग में इस बात पर नजर रहेगी कि क्या हिमाचल प्रदेश का वोटर राष्ट्रीय मुद्दों को तरजीह देगा या फिर स्थानीय मुद्दे हावी होंगे। खास तौर से जब भाजपा ने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) और डबल इंजन को मुद्दा बनाया है। वहीं कांग्रेस ने 5 लाख नौकरियां,फ्री बिजली, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के वादे का दांव लगाया है। इसके अलावा पंजाब में जीत के बाद आम आदमी पार्टी को भी हिमाचल में करिश्मे की उम्मीद है।

दोनों दलों के लिए बागी परेशानी बने

इन चुनावों की सबसे अहम बात यह है कि बागी भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए परेशानी का सबब हैं। जहां तक भाजपा की बात है तो 18-20 बागी पार्टी के लिए मुसीबत बन सकते हैं। इसी तरह कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के कई उम्मीदवार के साथ-साथ बागी परेशानी खड़ी कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के लिए हर चुनाव की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ट्रंप कार्ड हैं। और उनकी हिमाचल में लगातार रैलियों से साफ है कि भाजपा उन्हीं के सहारे पुरानी परंपरा तोड़ कर सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।

भाजपा के इन 3 दिग्गजों की साख दांव पर

जहां तक भाजपा की बात है तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की साख सबसे ज्यादा दांव पर है। उन्हें 2017 में हिमाचल में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की जगह मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली थी। जयराम ठाकुर इस बार सिराज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। और चुनाव उनके चेहरे पर लड़ा जा रहा है। ऐसे में अगर वह पार्टी को नहीं जिता पाते हैं, तो उनके नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठेंगे।

इस बार पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को टिकट नहीं दिया है। ऐसे में भले ही वह इस बार चुनावी मैदान में नहीं है। लेकिन केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे अनुराग ठाकुर के लिए राज्य का चुनाव बेहद अहम है। और शायद इसीलिए उन्होंने पहली रैली सुजानपुर से की थी । अगर भाजपा जीतती है तो उसका फायदा अनुराग ठाकुर को भी मिलेगा।

इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा के लिए भी यह चुनाव बेहद अहम है। पार्टी अध्यक्ष होने के साथ-साथ, हिमाचल प्रदेश जे.पी.नड्डा का गृह राज्य है। ऐसे में अगर भाजपा यहां चुनाव हारती है, तो निश्चित तौर पर जे.पी.नड्डा के लिए सेटबैक होगा।

प्रियंका का दूसरा टेस्ट

हिमाचल प्रदेश का चुनाव जहां कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी की बड़ी उम्मीद है। वहीं प्रियंका गांधी का भी चुनावी टेस्ट है। इस बार हिमाचल चुनाव से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दूरी बना रखी है। जबकि प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रचार की कमाल संभाल रखी थी। उत्तर प्रदेश की असफलता के बाद हिमाचल प्रदेश प्रियंका के दूसरा बड़ा टेस्ट है। अगर यहां पर प्रियंका कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाती हैं, तो उसका क्रेडिट उन्हें ही जाएगा। लेकिन अगर कांग्रेस सरकार नहीं बना पाती है, तो प्रियंका गांधी के राजनीतिक करियर के लिए बड़ा सेटबैक होगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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