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Haryana Election Result: हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे कल, इन 5 हॉट सीटों पर रहेगी सबकी नजर

Haryana Election Result: हरियाणा की कई सीटों पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इसमें भूपिंदर सिंह हुड्डा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दुष्यंत चौटाला और अनिल विज जैसे धुरंधर मैदान में हैं। वहीं, हरियाणा की जुलाना सीट पर कांग्रेस ने पूर्व रेसलर विनेश फोगाट को मैदान में उतारकर दिलचस्पी बढ़ा दी है।

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हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024

Photo : Times Now Digital

Haryana Election Result: हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए 5 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव के नतीजे कल यानी 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। मतगणना सुबह 7 बजे से शरू होगी, जिसके बाद धीरे-धीरे सभी सीटों के चुनाव परिणाम सामने आने लगेंगे। चुनाव आयोग की ओर से मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भारी इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोपहर 12 बजे तक सभी सीटों पर जीत-हार की स्थिति लगभग साफ हो जाएगी।

हरियाणा के विधानसभा चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं। यहां कांग्रेस और भाजपा में सीधी लड़ाई है। भारतीय जनता पार्टी यहां लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने का प्रयास कर रही है। वहीं, कांग्रेस 10 बाद सत्ता में वापसी के इंतजार में बैठी है। 5 अक्टूबर को मतदान के बाद सामने आए एग्जिट पोल चौंकाने वाले रहे हैं। एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखें तो कांग्रेस पार्टी यहां सत्ता में वापसी करते हुए दिख रही है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी को कई सीटों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, अंतिम नतीजे कल होने वाली मतगणना के बाद ही सामने आएंगे।

दिग्गजों की सीटों पर रहेगी नजर

यूं तो भाजपा व कांग्रेस के लिए सभी 90 सीटें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन कुछ सीटें ऐसी हैं जहां दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इसमें भूपिंदर सिंह हुड्डा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दुष्यंत चौटाला और अनिल विज जैसे धुरंधर मैदान में हैं। वहीं, हरियाणा की जुलाना सीट पर कांग्रेस ने पूर्व रेसलर विनेश फोगाट को मैदान में उतारकर दिलचस्पी बढ़ा दी है।

भूपिंदर सिंह हुड्डा

हरियाणा की गढ़ी संपाला किलोई सीट से कांग्रेस ने दिग्गज नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मैदान में उतारा है। वहीं, भाजपा ने गैंगस्टर राजेश उर्फ मंजू हुड्डा को मैदान में उतारा है। वह रोहतक जिला परिषद की मौजूदा अध्यक्ष हैं। यहां भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मंजू हुड्डा के बीच सीधा मुकाबला है।

नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी लाडवा विधानसभा सीट से मैदान में लड़ रहे हैं। इस सीट से मौजूदा सीएम के उतरने से यह हॉट सीटों में तब्दील हो गई है। नायब सिंह सैनी का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार मेवा सिंह ये है, जो इस सीट से मौजूदा विधायक हैं। वहीं INLD-BSP की साझा उम्मीदवार सपना बरशामी भी इस सीट से मैदान में हैं।

विनेश फोगाट

हरियाणा के साथ देशभर में सबसे ज्यादा चर्चा जिस सीट की है, वह है जुलाना विधानसभा। कांग्रेस ने यहां पूर्व पहलवान विनेश फोगाट को मैदान में उतारकर इसे हॉट सीट में तब्दील कर दिया है। राजनीति में डेब्यू करने वाली विनेश फोगाट के प्रदर्शन पर देशभर की नजर टिकी हुई है। हालांकि, बीजेपी के योगेश बैरागी से उनका मुकाबला आसान नहीं है।

दुष्यंत चौटाला

हरियाण का जाट लैंड उचाना कला विधानसभा सीट भी हॉट सीटों में शुमार है। यहां से जेजेपी उम्मीदवार व पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मैदान में हैं। 2019 के चुनाव में उन्होंने इस सीट से 45 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी तो बीजेपी यहां तीसरे नंबर पर रही थी। भाजपा के पूर्व सहयोगी रहे दुष्यंत चौटाला ने गठबंधन तोड़ दिया था, जिसके बाद उनके प्रदर्शन पर भी सभी की नजर है।

अनिल विज

हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री और दिग्गज नेता अनिज विज अंबाला कैंट विधानसभा सीट से छह बार चुनाव जीत चुके हैं। 2009 से यह सीट उनके ही खाते में है। भाजपा ने एक बार फिर अनिल विज को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने पिछले चुनाव में इसी सीट पर दूसरे पर रहीं चित्रा दरवारा का टिकट काटकर परमिंदर सिंह परी को मैदन में उतारा है। इसके बाद चित्रा दरवारा ने यहां निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है। ऐसे में इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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