बिहार की राजधानी पटना बुधवार को कांग्रेस पार्टी की राजनीति का केंद्र बनने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में 85 साल बाद कांग्रेस की केंद्रीय कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आयोजित होगी। इसे पार्टी नेताओं ने ऐतिहासिक क्षण बताया है। यह विस्तारित कार्य समिति की बैठक होगी, जिसमें स्थायी आमंत्रित सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पार्टी की राज्य इकाइयों के अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भी भाग लेते हैं।
आजादी के बाद पहली CWC
पटना में कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी बैठक इससे पहले 1912, 1922 और 1940 में हो चुकी है। आजeदी के बाद पहली बार यह बैठक यहां होने जा रही है। सदाकत आश्रम, जो अब प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय है, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाओं का केंद्र रहा है।
नेताओं का आगमन और सुरक्षा
बैठक स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार शाम ही पटना पहुंच चुके हैं। उनके साथ महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी आए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी बुधवार सुबह पटना पहुंचेंगे। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पटना पहुंचकर कहा कि बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा कांग्रेस अध्यक्ष तय करेंगे और इसे सही समय पर घोषित किया जाएगा।
राहुल गांधी का एजेंडा
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी बुधवार सुबह सीडब्ल्यूसी बैठक को संबोधित करेंगे। संभावना है कि उनके साथ सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी पटना आएंगी। इस बैठक में बिहार में पार्टी की चुनाव प्रचार से जुड़ी रणनीति, भविष्य के चुनावों और कथित ‘‘वोट चोरी’’ पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव से संबंधित दो प्रस्ताव पारित हो सकते हैं जिनमें ‘‘वोट चोरी’’ का भी उल्लेख होगा। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘कल, 24 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विस्तारित कांग्रेस कार्य समिति की बैठक पटना में होगी। जैसा कि हम ऐतिहासिक अवसर के लिए तैयार हैं, बिहार और इसका समृद्ध इतिहास और विरासत कल केंद्रबिंदु में होंगे।’’
होटल चाणक्य में बैठक
बैठक के बाद राहुल गांधी विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री चेहरे और सीटों के बंटवारे से जुड़े विवादों को सुलझाने की कोशिश होगी। इसके बाद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी कर सकते हैं।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
विधान परिषद सदस्य और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि यह दिन बिहार कांग्रेस और प्रदेश की राजनीति के लिए ऐतिहासिक है। उनके अनुसार, इस बैठक से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा।
