West Bengal Assembly Election: ECI सूत्रों के मुताबिक सभी मतदान केंद्रों पर प्रेसीडिंग ऑफिसर को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। बैलेट यूनिट पर सभी उम्मीदवारों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दें। किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से ढका नहीं जा सकता।
किसी भी उम्मीदवार के बटन पर रंग, स्याही, परफ्यूम या कोई रासायनिक पदार्थ नहीं लगाया जा सकता, जिससे वोट की गोपनीयता प्रभावित हो।यदि इस तरह की कोई भी गड़बड़ी सामने आती है, तो प्रेसीडिंग ऑफिसर को तुरंत सेक्टर ऑफिसर या रिटर्निंग ऑफिसर को सूचित करना होगा।
सूत्रों के अनुसार, EVM के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़ या हस्तक्षेप चुनावी अपराध की श्रेणी में आता है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में वह सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। इसमें आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित बूथ पर पुनर्मतदान का आदेश भी शामिल हो सकता है।
वहीं चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) पहले पूरे पश्चिम बंगाल में दोपहिया वाहनों पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बाइक रैलियों पर बैन (Bike Rally Ban) लगाया गया है, रात में आवाजाही सीमित कर दी गई है, और पीछे बैठकर सवारी करने पर रोक लगा दी गई है।
पश्चिम बंगाल में दोपहिया वाहनों पर कड़ी पाबंदियां
विधानसभा चुनावों से पहले, चुनाव आयोग ने पूरे पश्चिम बंगाल में दोपहिया वाहनों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं; स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बाइक रैलियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, रात के समय आवाजाही सीमित की गई है, और पीछे बैठकर सवारी करने (Pillion Riding) पर भी सीमा तय की गई है।
ये पाबंदियां मंगलवार से मतदान से दो दिन पहले लागू हो गईं, और उन सभी 152 विधानसभा क्षेत्रों पर लागू होंगी, जहां 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होना है।
