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हरियाणा BJP पर चुनाव आयोग का एक्शन, विज्ञापन में बच्चों के इस्तेमाल पर भेजा नोटिस

Haryana BJP: हरियाणा भाजपा के एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था। चुनावी विज्ञापन के इस वीडियो में बच्चों का इस्तेमाल किया गया था, जिस पर चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि यह चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

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चुनाव आयोग ने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष को भेजा नोटिस

Photo : BCCL

Haryana BJP: हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा इकाई पर बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष को नोटिस भेजा है। इसमें चुनावी विज्ञापन में बच्चों के इस्तेमाल पर उनसे जवाब मांगा गया है। हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा है कि इस मामले में राज्य भाजपा अध्यक्ष से कल शाम 6 बजे तक जवाब तलब किया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि भारतीय चुनाव आयोग ने हरियाणा भाजपा के एक्स हैंडल एक पोस्ट को गंभीरता से लिया है, जिसमें चुनाव प्रचार वीडियो में एक बच्चे का उपयोग किया गया है, जो चुनाव संबंधी गतिविधियों और प्रचार में बच्चों के उपयोग पर रोक लगाने वाले ईसीआई दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। बता दें, हरियाणा में सभी 90 विधानसभा सीट के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना चार अक्टूबर को होगी।

कांग्रेस ने किया बड़ा फैसला

हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच कांग्रेस पार्टी ने बड़ा फैसला किया है। कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया ने बुधवार को कहा कि पार्टी के किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह टिप्पणी की। उनकी इस टिप्पणी से कुछ दिनों पहले कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सदस्य कुमारी सैलजा ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी और कहा था कि वह राज्य में काम करने की इच्छुक हैं, लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है।

जेजेपी और एएसपी के बीच गठबंधन

वहीं, विधानसभा चुनाव के लिए चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी ओर दुष्यंत चौटाला की जेजेपी के बीच गठबंधन हुआ है। यह गठबंधन हरियाणा की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी 20 सीटों पर तो जेजेपी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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