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Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: आतिशी के खिलाफ कांग्रेस ने अलका लांबा को मैदान में उतारा, कालकाजी विधानसभा सीट पर दमदार मुकाबला

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी को सबक सिखाने के लिए अपनी कमर कस ली है। सीएम आतिशी के खिलाफ कांग्रेस ने अलका लांबा को चुनावी मैदान में उतारा है। दोनों के बीच कालकाजी विधानसभा सीट पर कांटे का मुकाबला देखने को मिलेगा।

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अलका लांबा बनाम आतिशी।

Delhi Chunav 2025: आम आदमी पार्टी के दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस गले की फांस साबित हो सकती है। चुनाव से पहले विपक्षी एकता को बड़ा झटका देते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने दिल्ली में अलग-अलग विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। इस बीच कांग्रेस ने अलका लांबा को दिल्ली की सीएम और कालकाजी सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ उतार दिया है। बता दें, अलका लांबा कांग्रेस से पहले आम आदमी पार्टी की नेता थी।

अलका लांबा को CM आतिशी के खिलाफ बनाया उम्मीदवार

पार्टी में मतभेद होने की वजह से उन्होंने केजरीवाल से अदावत मोल ली और कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। अब कांग्रेस ने अपनी महिला इकाई की अध्यक्ष अलका लांबा को दिल्ली के कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ उम्मीदवार घोषित किया।

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने सभी उम्मीदवारों लिस्ट जारी की। AAP ने दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी (Delhi CM Atishi) को कालकाजी, AAP सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को नई दिल्ली से उम्मीदवार बनाया है।

दिल्ली में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की मुसीबतें बढ़ाई

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच की जंग लगातार तेज होती जा रही है। पहले हरियाणा में दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा, अब दिल्ली में दोनों एक-दूसरे के सामने हैं। दिल्ली में अभी विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा नहीं हुई है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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