Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली में पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालय और औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। कार्मिक मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक आदेश में यह जानकारी सामने आई। इस संबंध में मौजूदा निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि अगर कर्मचारी किसी निर्वाचन क्षेत्र के निवासी उस क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं और निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित किसी केंद्रीय सरकारी संगठन/औद्योगिक प्रतिष्ठान में कार्यरत हैं, तो वे विशेष आकस्मिक अवकाश के लिए पात्र होंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान होंगे और 8 फरवरी को रिजल्ट आएगा। चुनावी जंग के लिए सत्ता में बैठी आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी मतदाताओं को रिझाने के लिए तमाम वादे कर रही है। पार्टी के शीर्ष नेता अपनी पार्टी की विजय सुनिश्चित करने के लिए जमसभाओं के जरिए मतदाताओं को संबोधित कर रहे हैं। लगभग सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर रहे हैं।
500 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को 500 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे 70 विधानसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या 841 हो गई है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन (सीईओ) अधिकारी ने यह जानकारी दी। नामांकन दाखिल करने वालों में आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शामिल हैं। मनीष सिसोदिया ने जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से, गोपाल राय ने बाबरपुर से और सौरभ भारद्वाज ने ग्रेटर कैलाश क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित नयी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया, जहां वह ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनौती देंगे। ‘आप’ के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन ने मुस्तफाबाद सीट से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
इन विधानसभा में उपचुनाव
दिल्ली विधानसभा के साथ-साथ तमिलनाडु की इरोड (पूर्व) और उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव पांच फरवरी को होना है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा, “औद्योगिक प्रतिष्ठानों सहित केंद्र सरकार के कार्यालय उन अधिसूचित क्षेत्रों में मतदान के दिन बंद रहेंगे, जहां राज्य विधानसभा के लिए चुनाव होना है। डीओपीटी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के संबंध में केवल ऐसे कर्मचारियों को मतदान के दिन विशेष आकस्मिक अवकाश दिया जाना चाहिए, जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में वास्तविक मतदाता हैं।
