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सारे एग्जिट पोल एक तरफ, इन दो ने बताया- दिल्ली में फिर बनेगी AAP की सरकार; देख लीजिए आंकड़े

Delhi Weepreside Exit Poll Result 2025, दिल्ली चुनाव का एग्जिट पोल 2025, Delhi Election Mind Brink Exit Poll Ke Natije: क्या दिल्ली में फिर से केजरीवाल की सरकार बनेगी? ये सवाल इस लिए बेहद अहम है, क्योंकि तमाम एग्जिट पोल में ये दावे किए जा रहे हैं कि इस बार दिल्ली से आप का झाड़ू साफ हो जाएगा और राजधानी कमल खिलेगा। इसी बीच दो ऐसे एग्जिट पोल हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी को बहुमत मिला है। आप इस रिपोर्ट में आंकड़े देख लीजिए।

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क्या दिल्ली में फिर बनेगी AAP की सरकार?

Delhi Chunav Exit Poll Result 2025: दिल्ली की गद्दी पर किसका राज होगा, राजधानी का अगला मुख्यमंत्री किस पार्टी से बनेगा? इस सवाल का जवाब ईवीएम में कैद हो चुका है। 8 जनवरी को इस सवाल का जवाब उस वक्त मिल जाएगा, जब वोटों की गिनती पूरी हो जाएगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है और अब कयासों का बाजार गर्म हो चुका है। चुनावी परिणाम से पहले एग्जिट पोल के परिणाम सामने आ चुके हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती नजर आ रही है। मगर इन सबके बीच दो ऐसे एग्जिट पोल हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी की वापसी होती दिख रही है। ये दोनों एग्जिट पोल कौन से हैं? ये अपने अनुमान में आप और भाजपा को कितनी-कितनी सीटें मिलने का कयास लगा रहे हैं। नीचे पढ़िए।

इन दो एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को मिला बहुमत

दिल्ली में वोटिंग खत्म होने के बाद एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल भाजपा की सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। मगर दो एग्जिट पोल- वीप्रीसाइड (Weepreside) और माइंड ब्रिंक (Mind Brink) ने आम आदमी पार्टी को बहुमत दिया है।

Weepreside के एग्जिट पोल में AAP की सरकार बनने के संकेत दिए गए हैं। नीचे देखिए आंकड़े...

Weepreside Exit Poll

पार्टीसीट
AAP46 से 52
BJP18 से 23
Cong0 से 1
Mind Brink के एग्जिट पोल में भी AAP की सरकार बनने के संकेत दिए गए हैं। नीचे देखिए आंकड़े...

Mind Brink Exit Polls

पार्टीसीट
AAP44 से 49
BJP21 से 25
Cong0 से 1

दिल्ली की सत्ता के सिंहासन पर कौन काबिज होगा इसका सटीक जवाब तो 8 फरवरी को ही मिलेगा। यहां देखना अहम होगा कि किसका एग्जिट पोल एक्जेक्ट पोल में तब्दील होता है। फिलहाल अभी कयासों का दौर जारी रहेगा। असल चुनावी परिणाम तो शनिवार को ही आएंगे।

दिल्ली में किसके बीच है मुख्य मुकाबला?

हालांकि एग्जिट पोल और पोल ऑफ पोल्स में जैसा देखने को मिल रहा है। उस हिसाब से ये कहना गलत नहीं है कि दिल्ली में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही रहा है। कांग्रेस का भी वोट प्रतिशत बढ़ता दिख रहा है। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान है, फाइनल नतीजे चुनाव आयोग की ओर से 8 फरवरी को जारी किए जाएंगे। यही वो तारीख है, जब ये स्पष्ट हो जाएगा कि दिल्ली में भाजपा का डंका बजेगा या आप की लंका लगेगी... या एक बार फिर आप की झाड़ू आंधी लाएगी और सबको साफ कर देगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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