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'मैं क्षमा मांगता हूं, तीन दिन तक प्रायश्चित करूंगा...' भगवान जगन्नाथ को लेकर संबित पात्रा से हो गई बड़ी भूल, खड़ा हुआ विवाद

Sambit Patra: संबित पात्रा ने अपने बयान में भगवान जगन्नाथ को 'पीएम मोदी' का भक्त बताया था। उनकी यह वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। अब पात्रा ने अपने बयान के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा, मैं महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के चरणों में शीश झुकाकर क्षमा याचना करता हूं। अपने इस भूल सुधार और पश्चाताप के लिए अगले 3 दिन मैं उपवास पर रहूंगा।

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संबित पात्रा

Photo : Twitter

Sambit Patra: ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी संबित पात्रा की भगवान जगन्नाथ और पीएम मोदी को लेकर की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। संबित पात्रा ने अपने बयान में भगवान जगन्नाथ को 'पीएम मोदी' का भक्त बताया था। उनकी यह वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद ओडिशा की राजनीति गरमा गई है और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसको लेकर संबित पात्रा की आलोचना भी की है। हालांकि, बाद में पात्रा ने अपने बयान के लिए मांफी मांग ली है।

पात्रा ने बाद में स्पष्ट किया कि यह सिर्फ जुबान फिसलने के कारण हुआ और वह यह कहना चाहते थे कि प्रधानमंत्री भगवान जगन्नाथ के परम ‘भक्त’ हैं। वहीं, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में ओडिया अस्मिता को ठेस पहुंचाने के लिए पात्रा की आलोचना की है। उन्होंने कहा, महाप्रभु श्रीजगन्नाथ ब्रह्मांड के स्वामी हैं। महाप्रभु को दूसरे इंसान का ‘भक्त’ कहना भगवान का अपमान है...यह पूरी तरह निंदनीय है। इससे भावनाएं आहत हुई हैं और दुनियाभर में करोड़ों जगन्नाथ भक्तों तथा उड़िया लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। पटनायक ने कहा, भगवान उड़िया अस्मिता के सबसे बड़े प्रतीक हैं। मैं इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं और मैं भाजपा से अपील करता हूं कि वह भगवान को किसी भी राजनीतिक चर्चा में शामिल न करे। ऐसा करके आपने ओडिया अस्मिता को गहरी चोट पहुंचाई है और इसे ओडिशा के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।

पात्रा ने मांगी माफी

पात्रा ने मुख्यमंत्री के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम सभी की जुबान कभी-कभी फिसल जाती है। उन्होंने कहा, आज पुरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रोड शो की भारी सफलता के बाद मैंने कई मीडिया चैनलों को कई बयान दिए, हर जगह मैंने उल्लेख किया कि मोदी जी श्रीजगन्नाथ महाप्रभु के परम भक्त हैं। पात्रा ने कहा, एक बयान के दौरान गलती से मैंने ठीक इसके विपरीत कह दिया। मुझे पता है कि आप भी इसे जानते और समझते हैं, इसे मुद्दा न बनाया जाए.। हम सभी की जुबान कभी-कभी फिसल जाती है।

उपवास रखकर पश्चाताप करेंगे पात्रा

बाद में संबित पात्रा ने इसको लेकर एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा कि वह अपनी भूल के लिए माफी मांगते हैं और पश्चाताप करने के लिए भी तैयार हैं। पात्रा ने कहा कि आज महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी को लेकर मुझसे जो भूल हुई है, उस विषय को लेकर मेरा अंतर्मन अत्यंत पीड़ित है। मैं महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के चरणों में शीश झुकाकर क्षमा याचना करता हूं। अपने इस भूल सुधार और पश्चाताप के लिए अगले 3 दिन मैं उपवास पर रहूंगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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