कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) के एक कथित बयान को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। उनके “गुजरात से सबसे बड़ा घुसपैठिया” वाली टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो चुकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बयान को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गुजरात और वहां के लोगों का अपमान है। पार्टी ने कांग्रेस से इस पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग भी की है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरलम में चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को 'अशिक्षित'कहा था। इस मामले पर खरगे ने माफी भी मांग ली है। कांग्रेस प्रमुख ने रविवार (5 अप्रैल) को केरलम में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिये गए भाषण में गुजरात के लोगों को ‘अशिक्षित’ बताया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं।
पवन खेड़ा को लेकर क्या है विवाद?
कन्हैया कुमार, मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा पवन खेड़ा भी अपने बयानों को लेकर विवादों में घिर हैं। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को थोड़ी राहत देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उन्हें असम पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में शुक्रवार को एक सप्ताह की अस्थायी अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी के खिलाफ लगाए गए उनके आरोपों से जुड़ा है।
असम पुलिस का आरोप है कि खेड़ा ने मुख्यमंत्री के परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जांच में दिल्ली स्थित खेड़ा के आवास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें मामले से जुड़ी सामग्री होने का दावा किया गया है।
पवन खेड़ा ने क्या लगाया आरोप?
पांच अप्रैल को खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुयन सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिसका जिक्र मुख्यमंत्री के चुनाव शपथ पत्र में नहीं किया गया था।
हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने जिन दस्तावेजों के आधार पर उन पर और उनके परिवार पर आरोप लगाए, उनकी सत्यता की जांच नहीं की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खेड़ा हैदराबाद ’’भाग गए हैं’’, लेकिन असम पुलिस उन्हें ’’पाताल’’ से भी ढूंढ निकालेगी।
