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BJP Candidates List: भाजपा ने खोला पिटारा, हरियाणा चुनाव के लिए 67 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी

भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। सीएम नायब सिंह सैनी लाडवा से, ज्ञान चंद गुप्ता पंचकूला से, अनिल विज अंबाला कैंट से, कंवर पाल गुर्जर जगाधरी से, सुनीता दुग्गल रतिया से, भव्य बिश्नोई आदमपुर से, तेजपाल तंवर सोहना से चुनाव लड़ेंगे।

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बीजेपी ने हरियाणा के लिए उतारे 67 उम्मीदवार।

Photo : PTI

BJP Candidates List: हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections 2024) के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। बीजेपी की पहली लिस्ट (BJP Candidates List) में 67 प्रत्याशियों के नाम हैं। इस सूची के मुताबिक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लाडवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। जबकि अनिल विज को अंबाला कैंट से भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं नारनौल से कैप्टन अभिमन्यु को टिकट मिला है।

प्रकाश धनखड़ को भाजपा ने दिया टिकट

भारतीय जनता पार्टी ने फरीदाबाद विधानसभा सीट से विपुल गोयल को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि जगधारी सीट से अमरपाल गुर्जर को टिकट दिया है। वहीं बादली सीट से ओम प्रकाश धनखड़ को BJP उम्मीदवार बनाया गया है। कालका विधानसभा सीट से शक्ति रानी शर्मा को टिकट मिला है। पंचकूला से ज्ञान चंद गुप्ता को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं अंबाला शहर से असीम गोयल को टिकट दिया गया है। मुलाना सीट से संतोष सरवन पर पार्टी ने भरोसा जताया है।

कार्तिकेय शर्मा की माता को मिला टिकट

आदमपुर से कुलदीप विश्नोई के बेटे भव्या विश्नोई को टिकट मिला। विसंभर वाल्मीकि का बवानीखेड़ा से टिकट कटा, कपूर वाल्मीकी को टिकट मिला। कुछ दिन पहले बीजेपी में शामिल हुई पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की धर्मपत्नी और अंबाला शहर की मेयर शक्ति रानी शर्मा को भी कालका से टिकट दिया गया। शक्ति रानी शर्मा निर्दलीय राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा की माता है।

देवेंद्र बबली को टोहाना से मिला टिकट

दादरी से सुनील सांगवान को टिकट मिला है, जो दो दिन पहले बीजेपी में शामिल हुए। भोंडसी जेल में अधीक्षक थे। वहीं रतिया से पूर्व सासंद सुनीता दुग्गल को टिकट मिसा है। पूर्व सासंद अरविंद शर्मा को गोहाना से टिकट दिया गया है। जेजेपी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व मंत्री और विधायक देवेंद्र बबली को टोहाना से चुनाव मैदान में उतारा गया।

रणजीत चौटाला को नहीं मिला टिकट

जेजेपी के तीन पूर्व विधायकों को बीजेपी ने टिकट दिया है। देवेंद्र बबली को टोहाना, रामकुमार गौतम को सफीदों और उकलाना से अनूप धानक को टिकट। पिछली बार रानियां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय जीत कर आए और बाद में बीजेपी में शामिल हुए हिसार लोकसभा से सांसद का चुनाव हारने वाले रणजीत चौटाला की टिकट बीजेपी ने काट दी है। रणजीत चौटाला पहले बयान दे चुके हैं कि अगर बीजेपी टिकट नहीं देगी तो निर्दलीय लडूंगा।

नवीन जिंदल की मां को नहीं मिला टिकट

हिसार में कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल के परिवार को झटका दिया गया है। वहां से टिकट मांग रही उनकी माता पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल को टिकट नहीं दिया गया है। वहां से मौजूदा विधायक और मंत्री कमल गुप्ता को टिकट दिया गया है। टिकट बंटवारे पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम अच्छे प्रकार से चुनाव लड़ेंगे, हमारी तीसरी बार सरकार आने वाली है, ये हमारा विश्वास है। जितने भी बड़े नेता हैं, प्रधानमंत्री जी, गृहमंत्री जी और सभी बड़े नेता हरियाणा और जम्मू कश्मीर सभी जगह चुनाव लड़ेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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