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Bihar Election: महागठबंधन की रणनीति को SIR से मिली नई धार, रणनीति मजबूत पर टिकट बंटवारे पर हो सकती है रार

बिहार में इस बार चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही “विशेष गहन पुनरीक्षण” (SIR) की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि SIR का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में पक्षपातपूर्ण बदलाव के लिए किया जा सकता है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर असर पड़ सकता है।

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बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन की दिख रहा एकजुट

Photo : PTI

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर राज्य की सियासत में एक बार फिर उबाल देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, सभी दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में सत्ताधारी जदयू-बीजेपी गठबंधन जहां अपनी पकड़ बनाए रखने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी महागठबंधन पूरी ताक़त के साथ सत्ता में वापसी के लिए कमर कस चुका है।

SIR प्रक्रिया बनी विवाद का कारण

राजनीतिक हलचलों के केंद्र में इस बार चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही “विशेष गहन पुनरीक्षण” (SIR) की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि SIR का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में पक्षपातपूर्ण बदलाव के लिए किया जा सकता है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर असर पड़ सकता है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, वामपंथी दलों समेत INDIA गठबंधन के अन्य सदस्य इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन ने SIR प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। साथ ही जन समर्थन जुटाने के लिए विरोध प्रदर्शन, नुक्कड़ सभाएं, प्रेस कॉन्फ्रेंस और राज्यव्यापी रैलियों की योजना बनाई जा रही है।

‘जन वादा’: साझा घोषणापत्र की तैयारी

महागठबंधन एक साझा घोषणापत्र तैयार कर रहा है, जिसे ‘जन वादा’ नाम दिया गया है। इसका ड्राफ्ट 15 जुलाई तक तैयार कर तेजस्वी यादव की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपा जाएगा, जो इसे अंतिम रूप देगी। इन वादों के जरिए गठबंधन युवा, महिला, गरीब और पिछड़े वर्गों को साधने की रणनीति बना रहा है।

घोषणापत्र में शामिल प्रस्तावित योजनाएं हैं:

  • माई बहन योजना: महिलाओं को ₹2500 प्रति माह की वित्तीय सहायता।
  • छात्रावास योजना: 101 सब-डिवीजन में पिछड़े, अति-पिछड़े और दलित छात्रों (लड़कों और लड़कियों) के लिए छात्रावासों का निर्माण।
  • नए डिग्री कॉलेज: जिन इलाकों में कॉलेज नहीं हैं, वहां डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।
  • बेरोजगारी भत्ता: युवाओं को आर्थिक सहयोग, राशि पर मंथन जारी है।
  • विधवा पेंशन में बढ़ोतरी: वर्तमान पेंशन राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव।

प्रचार अभियान में दिखेगा एकजुटता का प्रदर्शन

प्रचार के स्तर पर भी महागठबंधन ने समन्वय पर जोर दिया है। सभी बड़े नेताओं की संयुक्त रैलियों और साझा मीडिया अभियान की योजना बनाई जा रही है ताकि यह संदेश जाए कि महागठबंधन अब केवल अवसरवादी गठजोड़ नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक विकल्प है।

असली चुनौती: सीट बंटवारा

हालांकि, गठबंधन की एकता की असली परीक्षा तब होगी जब सीटों का बंटवारा होगा। बिहार की राजनीति में सीट शेयरिंग अक्सर विवाद का कारण बनती रही है। छोटे दलों की मांगें, जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन जैसे पहलुओं को साधना तेजस्वी यादव के लिए आसान नहीं होगा।

SIR विवाद से मिली नई धार

चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने महागठबंधन को सियासी तौर पर एकजुट होने और जनसंपर्क बढ़ाने का अवसर दे दिया है। इस मुद्दे ने विपक्ष को वह साझा मंच दिया है, जिससे वह जनता के बीच सक्रियता से अपनी बात रख सके और सत्ता पक्ष पर हमलावर हो सके।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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