Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए नामांकन वापसी का 23 अक्टूबर अंतिम दिन है। इस चरण में बीस जिलों के 122 निर्वाचन क्षेत्रों में 11 नवंबर को मतदान होगा। गुरुवार को पटना में इंडिया ब्लॉक की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होने वाली है। सूत्रों का कहना है कि इस पीसी में महागठबंधन अपनी एकजुटता का इजहार और किसी तरह के मतभेद न होने की बात कह सकता है। इस लिहाज से आज की यह पीसी काफी अहम मानी जा रही है। मीडिया में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि महागठबंधन की पीसी में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जा सकता है।
दूसरे चरण में इन जिलों में होगा मतदान
दूसरे चरण में सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में मतदान होगा। रोहतास और कैमूर सहित शाहबाद क्षेत्र के कई जिलों में भी वोट डाले जाएंगे। औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल सहित मगध क्षेत्र में तथा सीमांचल क्षेत्र के अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार तथा भागलपुर, बांका, जमुई और सुपौल जिलों में भी इसी चरण में वोट डाले जाएंगे।
11 सीटों पर कांग्रेस और राजद आमने-सामने
सीट बंटवारे पर सुलह नहीं होने पर 11 सीटों पर कांग्रेस और राजद के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इस गतिरोध के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात की और उम्मीद जताई कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए राजद नेता तेजस्वी यादव के नाम घोषणा से जुड़े सवाल का जवाब देने से बचने की भी कोशिश की।
तेजस्वी के सीएम फेस पर सवाल टाल गए गहलोत
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें गठबंधन सहयोगी के साथ सीट बंटवारे को लेकर उत्पन्न तनाव को दूर करने का जिम्मा सौंपा है। सीट बंटवारे पर पूरी तरह सहमति नहीं बनने से बिहार में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। बैठक के बाद गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे अहम राज्य में हार के बाद बिहार का चुनाव विपक्षी गठबंधन के लिए 'बेहद महत्वपूर्ण' है। हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए तैयार है, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, 'आप मुझसे इस तरह की घोषणा क्यों करवाना चाहते हैं?'
राजद 143 और कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपने दो महीने पहले ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान (कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष) राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘कैमिस्ट्री’ देखी थी, जब दोनों नेताओं ने राज्य भर में साथ यात्रा की थी। वे उपयुक्त समय पर उपयुक्त निर्णय लेंगे।' माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से तेजस्वी यादव को औपचारिक समर्थन न मिलने से राजद में असंतोष है। हालांकि वह 'तेजस्वी सरकार' के नारे के साथ चुनावी अभियान चला रहे हैं। बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से राजद 143 और कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। हालांकि, कम से कम पांच सीटों पर दोनों दलों के बीच ‘दोस्ताना मुकाबला’ होने जा रहा है। वहीं, तीन सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से भी मुकाबला करेंगे।
सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे-गहलोत
गहलोत ने पटना हवाई अड्डे पर आगमन के समय कहा था कि 'पांच-दस सीटों पर दोस्ताना मुकाबला कोई बड़ी बात नहीं है।' लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे।' हालांकि, इनमें से पांच सीटें पहले चरण के चुनाव में आती हैं, जिनके लिए नाम वापसी की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो चुकी है। गहलोत के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद थे। राज्य के कुछ कांग्रेस नेता उन्हें मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
