Bihar Election 2025: बिहार में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पटना पहुंच चुके हैं। वो शुक्रवार बीती रात अपनी टीम के साथ पटना पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
कई पार्टियों से आयोग ने की चर्चा
वहीं, शनिवार सुबह ही पटना के ताज होटल में मुख्यचुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी, बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी श्री विनोद गुंजियाल तथा आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिहार के सभी 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ चर्चा हुई।

चुनाव आयोग ने इन राजनीतिक दलों से की चर्चा।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
चुनाव आयोग की टीम सभी हितधारकों के साथ अलग-अलग बैठक करेगी। इस दौरे में चुनाव से जुड़ी तैयारियों का आकलन, कई राजनीतिक पार्टियों से सुझाव और शिकायतों प्राप्त करने, राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद चुनाव आयोग की टीम दिल्ली लौटकर केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों एवं अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। बैठक के दो-तीन दिनों के अंदर चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है।
तीन चरणों में हो सकते हैं चुनाव
उम्मीद है कि बिहार में दो या तीन चरणों में चुनाव कराया जाए। पिछली बार यानी 2020 में तीन चरण में मतदान हुए थे। 243 सीटों वाले बिहार में विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है। इससे पहले चुनाव कराए जाएंगे।
बता दें कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 30 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हुआ है। शुक्रवार को हुई आयोग के साथ मीटिंग में 425 ऑब्जर्वर में 287 आईएएस, 58 आईपीएस और 80 आईआरएस, आईआरएएस, आईसीएएस समेत अन्य सर्विस के अधिकारी शामिल हुए।
दो दशकों के बाद की गई SIR की प्रक्रिया
30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम सूची में लगभग 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं। बिहार में दो दशकों बाद की गई इस प्रक्रिया पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि करोड़ों नागरिकों के नाम सूची से गायब हैं, जिससे उन्हें मतदान का अधिकार नहीं मिल पाएगा। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि लक्ष्य है कि कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और अपात्र व्यक्ति शामिल न हो।
