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चिराग को है 30 सीटों की चाहत, NDA संग सीट बंटवारे पर फंसा पेंच; BJP ने इस नेता को सौंपा मान-मनोव्वल का जिम्मा

बिहार चुनाव 2025 से पहले एनडीए और महागठबंधन दोनों में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। चिराग पासवान 30 से अधिक सीटों की मांग पर अड़े हैं, जबकि जीतन राम मांझी भी असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। उधर कांग्रेस और आरजेडी के बीच भी मोलभाव जारी है। नीतीश कुमार नई टीम के साथ चुनावी तैयारी में जुटे हैं।

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (फाइल फोटो)

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो सत्तारूढ़ एनडीए और न ही विपक्षी महागठबंधन में सीटों का बंटवारा तय हो पाया है। दोनों ही गठबंधन अपने-अपने हिस्से को लेकर रणनीतिक मोलभाव में जुटे हैं, जिससे पटना से दिल्ली तक सियासी गहमागहमी तेज़ हो गई है।

एनडीए में चिराग पासवान बने चर्चा के केंद्र

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान इस वक्त एनडीए के भीतर सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं। वे करीब 30 से अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं और अपने स्टैंड से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। बीजेपी ने चिराग को मनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार, नित्यानंद राय ने चिराग की मां से मुलाकात कर भरोसा दिलाया है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है।

मांझी की नाराज़गी भी बढ़ा रही एनडीए की चिंता

उधर, हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी भी अपने हिस्से को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खुद उनसे बात कर स्थिति संभालने की कोशिश की है। पार्टी का मकसद है कि चुनाव से पहले गठबंधन में किसी भी तरह की दरार न आए।

महागठबंधन में भी जारी सियासी रस्साकशी

विपक्षी खेमे में भी हालात आसान नहीं हैं। कांग्रेस इस बार ‘जिताऊ सीटों’ पर फोकस करते हुए आरजेडी से सख़्त बातचीत कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस को करीब 55 सीटें मिलने की संभावना है और उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार है। कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने संकेत दिए हैं कि पार्टी इस बार युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।

जेडीयू का फोकस नई टीम पर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू करीब 102 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। पार्टी अब तक 30 उम्मीदवारों का चयन कर चुकी है। बताया जा रहा है कि इस बार कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं, ताकि नए चेहरों को मौका दिया जा सके।

सियासी समीकरणों की उलझन अब भी बरकरार

बिहार में इस बार सीट बंटवारे की राजनीति बेहद पेचीदा होती जा रही है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही अपने-अपने गठबंधन को एकजुट रखने की कोशिश में हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर अगले कुछ दिनों में कौन-सा फार्मूला दोनों खेमों को संतुलन में ला पाएगा।

Himanshu Tiwari
हिमांशु तिवारीauthor

हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।

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