Rajgir Assembly Constituency (राजगीर विधानसभा सीट): नालंदा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राजगीर विधानसभा सीट बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। 1957 से यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। इसमें राजगीर नगर परिषद, पावापुरी नगर पंचायत और गिरियक प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं।
राजगीर का इतिहास
पांच पहाड़ियों से घिरा यह नगर लगभग 4000 साल पुराने इतिहास को समेटे हुए है। प्राचीन काल में 'राजगृह' के नाम से जाना जाने वाला राजगीर हर्यक, प्रद्योत, बृहद्रथ और मगध साम्राज्य जैसे शक्तिशाली राजवंशों की राजधानी रहा। हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों के लिए यह एक पवित्र तीर्थस्थल है। हर्यक वंश के राजा बिम्बिसार और उनके पुत्र अजातशत्रु ने यहीं से मगध साम्राज्य पर शासन किया। बाद में अजातशत्रु के पुत्र उदायिन ने राजधानी को पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) स्थानांतरित किया। यहां कई पर्यटन स्थल हैं लेकिन फिलहाल यह राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है।
राजनीतिक इतिहास और दलों का प्रदर्शन
अब तक हुए 16 विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सबसे अधिक 9 बार जीत दर्ज की है, जिसमें दो बार वह भारतीय जनसंघ के रूप में शामिल थी। इसके अलावा कांग्रेस, सीपीआई और जदयू ने दो-दो बार, जबकि जनता पार्टी ने एक बार सफलता पाई है। 2015 में जदयू के रवि ज्योति कुमार ने भाजपा प्रत्याशी सत्यदेव नारायण आर्य को हराकर सीट अपने नाम की थी। लेकिन 2020 में रवि ज्योति कुमार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और जदयू के कौशल किशोर से हार गए। 2020 के चुनाव में कौशल किशोर ने 16,048 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्हें 42.58% वोट शेयर (67,191 वोट) मिले, जबकि कांग्रेस के रवि ज्योति कुमार को 32.41% वोट शेयर (51,143 वोट) हासिल हुए। 2015 में रवि ज्योति कुमार ने 41.75% वोट शेयर (62,009 वोट) के साथ भाजपा के सत्यदेव नारायण आर्य को 5,390 वोटों से हराया था।
राजगीर में कब होंगे चुनाव (Rajgir Election Date)
| नोटिफिकेशन की तारीख | 10 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 17 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन जांच की आखिरी तारीख | 18 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख | 20 अक्टूबर 2025 |
| मतदान | 6 नवंबर 2025 |
| चुनाव नतीजे | 14 नवंबर 2025 |
जातीय और राजनीतिक समीकरण
राजगीर सीट पर कुर्मी और यादव मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जबकि राजपूत, मुस्लिम और भूमिहार भी प्रभावशाली मतदाता समूह हैं। इस बार जदयू के कौशल किशोर के सामने अपनी जीत की हैट्रिक लगाने का मौका है। महागठबंधन की ओर से भाकपा-माले के विश्वनाथ चौधरी और जन सुराज पार्टी के सत्येंद्र कुमार मैदान में हैं।
