Bihar Elections 2025: बिहार की महनार विधानसभा सीट (Mahnar Assembly Seat) पर एक बार फिर से दिलचस्प मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है। इस बार राजद ने मौजूदा विधायक बीना सिंह का टिकट काट दिया है और उनकी जगह रविंद्र सिंह पर दांव लगाया है, जबकि जदयू ने पिछले चुनाव में मुकाबला गंवाने वाले उमेश सिंह कुशवाहा पर भरोसा जताया है। वैशाली जिले और हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली महनार विधानसभा सीट 1951 में गठित हुई थी, जो एक सामान्य सीट है। महनार सीट लंबे समय तक राजग के घटक दलों का गढ़ रही है।
महनार विधानसभा का कैसा है हाल
मौजूदा समय में यह सीट राजद के कब्जे में है, जहां 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद की बीना सिंह ने जदयू के उमेश सिंह कुशवाहा को हराकर विधायक का पद हासिल किया था। जदयू ने इस बार फिर उमेश सिंह कुशवाहा पर भरोसा जताया है। महनार में कुशवाहा समुदाय के वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, दलित वोटरों की संख्या भी काफी है, जो चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है। विभिन्न जाति समुदायों का मिश्रण इस सीट को राजनीतिक दृष्टिकोण से और दिलचस्प बनाता है।
कब किसने जीता चुनाव?
1952 में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस के दीप नारायण सिंह यहां के विधायक बने थे। महनार दिग्गज समाजवादी नेता और मनरेगा के जनक पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की जन्मस्थली भी है। मुनेश्वर प्रसाद सिंह ने अलग-अलग दलों से इस सीट पर 6 बार जीत हासिल की, जबकि पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह तीन बार विधायक रहे। राजग का इस सीट पर लंबे समय तक दबदबा रहा है, लेकिन 2020 में बीना सिंह की जीत ने राजद को इस सीट पर नई ताकत दी थी, लेकिन जदयू के उमेश सिंह कुशवाहा के फिर से मैदान में उतरने से मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है। कुशवाहा वोटरों की निर्णायक भूमिका और दलित वोटरों का रुझान इस बार के नतीजों को तय करने में अहम होगा।
| साल | विधायक | पार्टियां |
|---|---|---|
| 2020 | बीना सिंह | राजद (RJD) |
| 2015 | उमेश सिंह कुशवाहा | जदयू (JDU) |
| 2010 | डॉ. अच्युतानंद | भाजपा (BJP) |
| 2005 | राम किशोर सिंह | लोजपा (LJP) |
| 2000 | राम किशोर सिंह | जदयू (JDU) |
| 1995 | मुनशीलाल राय | जनता दल |
| 1990 | मुनेश्वर प्रसाद सिंह | समाजवादी पार्टी-लोहिया |
| 1985-80 | मुनशीलाल राय | लोक दल, जनता पार्टी |
| 1977-72 | मुनेश्वर प्रसाद सिंह | विभिन्न समाजवादी दल |
| 1969-62 | मुनेश्वर प्रसाद सिंह | समाजवादी दल/प्रजा समाजवादी |
| 1957 | बनारसी देवी | कांग्रेस |
| 1952 | दीप नारायण सिंह | कांग्रेस |
महनार न सिर्फ राजनीतिक रूप से बल्कि व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी जाना जाता है। यह एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां थोक और खुदरा बाजार अनाज, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं के व्यापार में सक्रिय हैं। बूढ़ी गंडक नदी और गंगा के निकट होने के कारण इसकी समतल जमीन कृषि के लिए बेहद उपयुक्त है। धान, गेहूं, मक्का और दालों की खेती के साथ-साथ केले, आम और लीची के बागान स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। महनार की भौगोलिक स्थिति इसे कई शहरी केंद्रों से जोड़ती है, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार आसानी से मिल जाता है।
