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Madhubani Assembly Election 2025: मधुबनी सीट पर क्या है इस बार चुनावी समीकरण, किसके हाथ लगेगी बाजी?

Madhubani Assembly Constituency (मधुबनी विधानसभा सीट): मधुबनी विधानसभा की बात करें तो यह सीट 1951 में आई थी। उस चुनाव में कांग्रेस के हरिनाथ मिश्रा को जीत हासिल हुई। 1957 के चुनाव में इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राम कृष्ण महतो विजयी हुए। कांग्रेस ने आखिरी बार 1985 में यह सीट जीती।

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मधुबनी विधानसभा सीट।

Madhubani Assembly Constituency (मधुबनी विधानसभा सीट): मधुबनी विधानसभा सीट मधुबनी जिले में आती है। यह सीट राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की दबदबे वाली है। वर्ष 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर राजद के प्रत्याशी समीर कुमार महासेठ ने जीत हासिल करते हुए जीत की हैट्रिक लगाई। पिछले विस चुनाव में महासेठ को कुल 76,118 वोट मिले थे। जबकि वीएसआईपी के उम्मीदवार सुमन कुमार महासेठ इस सीट से दूसरे नबंर पर रहे थे। वहीं एलजेपी के अरविंद कुमार पूर्बे चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे।

लगातार तीन बार से जीतते आए हैं राजद के महासेठ

2020 के चुनाव में मधुबनी सीट पर आरजेडी के समीर कुमार महासेठ और बीजेपी के निशिकांत झा के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। महासेठ को कुल 76,118 वोट मिले, वहीं बीजेपी के निशिकांत झा को कुल 64,283 वोट मिले। इस चुनाव में आरजेडी के समीर कुमार महासेठ ने 11,835 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं, 2015 के विधानसभा चुनाव में महासेठ का मुकाबला भाजपा के रितुराज से हुआ। इस चुनाव में महासेठ को कुल 68,089 वोट मिले, वहीं बीजेपी के रितुराज को कुल 55,182 वोट मिले। महासेठ ने 12,907 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

1951 में अस्तित्व में आई यह सीट

मधुबनी विधानसभा की बात करें तो यह सीट 1951 में आई थी। उस चुनाव में कांग्रेस के हरिनाथ मिश्रा को जीत हासिल हुई। 1957 के चुनाव में इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राम कृष्ण महतो विजयी हुए। कांग्रेस ने आखिरी बार 1985 में यह सीट जीती। वहीं, बीजेपी का कमल आखिरी बार 2010 में खिला था। 2020 में एनडीए में यह सीट वीआईपी के खाते में आई थी। वीआईपी के सुमन कुमार महासेठ को राजद के समीर कुमार महासेठ ने हराया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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