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Lakhisarai Vidhan Sabha Seat: NDA की सुरक्षित सीट मानी जा रही लखीसराय में कैसे हैं हालात, इसबार भी जीतेगी BJP या होगा खेला

Lakhisarai Assembly Constituency (लखीसराय विधानसभा सीट): मुंगेर जिले की लखीसराय विधानसभा सीट बिहार की उन चुनिंदा सीटों में है, जहां बीजेपी का लगातार जनाधार बना हुआ है। 2025 का चुनाव इस परंपरा को कायम रखेगा या बदलेगा यह देखने लायक होगा। आइए समझते हैं क्या है लखीसराय विधानसभा सीट का समीकरण।

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लखीसराय सीट का समीकरण

Photo : Times Now Digital

Lakhisarai Assembly Constituency (लखीसराय विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच लखीसराय सीट एक बार फिर सुर्खियों में है। मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा और सामान्य श्रेणी में आने वाली यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती है। बीजेपी ने इस बार भी अपने वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर भरोसा जताते हुए उन्हें लखीसराय से उम्मीदवार बनाया है। सिन्हा लगातार तीन बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं और अब चौथी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आइए एक नजर इस सीट पर डालते हैं।

लखीसराय सीट का इतिहास

लखीसराय विधानसभा क्षेत्र का गठन 1977 में हुआ था। यह हलसी, बड़हिया और रामगढ़ चौक प्रखंडों से मिलकर बना है और मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है। अब तक यहां 11 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें बीजेपी ने सबसे ज्यादा पांच बार जीत दर्ज की है।

इस सीट पर जनता पार्टी और जनता दल को दो-दो बार जीत मिली है, जबकि कांग्रेस केवल एक बार (1980) विजयी रही। राजद (RJD) ने साल 2005 में इस सीट पर जीत दर्ज कर बीजेपी के लगातार जीत के सिलसिले को तोड़ा था। हालांकि, 2010 में बीजेपी ने वापसी की और तब से इस सीट पर लगातार जीत दर्ज कर रही है।

बीजेपी का गढ़

लखीसराय विधानसभा सीट पर बीजेपी का वर्चस्व पिछले डेढ़ दशक से कायम है। विजय कुमार सिन्हा ने 2010, 2015 और 2020 में लगातार जीत हासिल की है। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अमरेश कुमार को शिकस्त दी थी। इस बार भी उनके सामने विपक्ष से चुनौती तो है, लेकिन बीजेपी का मजबूत संगठन और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता उन्हें बढ़त दिला सकती है।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

लखीसराय सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। 1994 में यह मुंगेर जिले से अलग होकर स्वतंत्र जिला बना था। पाल वंश के शासनकाल में लखीसराय प्रशासनिक और धार्मिक केंद्र के रूप में जाना जाता था। यहां की भूमि पर हिंदू और बौद्ध दोनों परंपराओं का प्रभाव देखने को मिलता है। प्राचीन काल में यह क्षेत्र मुंगेर या अंग देश का हिस्सा था और अपनी चट्टानों, पहाड़ों तथा देवी-देवताओं की मूर्तियों के कारण प्रसिद्ध रहा है।

लखीसराय में कब होंगे चुनाव (Lakhisarai Election Date):

नोटिफिकेशन की तारीख10 अक्टूबर 2025
नामांकन की आखिरी तारीख17 अक्टूबर 2025
नामांकन जांच की आखिरी तारीख18 अक्टूबर 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख20 अक्टूबर 2025
मतदान6 नवंबर 2025
चुनाव नतीजे14 नवंबर 2025

2025 में दिलचस्प मुकाबले के आसार

लखीसराय सीट पर बीजेपी के खिलाफ इस बार विपक्ष कौन लड़ेगा, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन यह तय है कि मुकाबला दिलचस्प होगा। बीजेपी जहां अपने पुराने किले को बचाने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष इस सीट पर सेंध लगाने की तैयारी में जुटा है। विजय कुमार सिन्हा की लोकप्रियता, संगठन की मजबूती और क्षेत्र में उनके कामकाज को देखते हुए यह सीट फिर से बीजेपी के लिए सुरक्षित मानी जा रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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