सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के ताजा हमलों के बाद तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हूतियों ने सऊदी क्षेत्र में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 73 लोग घायल हुए हैं। हमलों के बाद यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसे गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताते हुए हूतियों के खिलाफ कड़े सैन्य कदम उठाने की चेतावनी दी है।
गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि हूती मिलिशिया की हालिया गतिविधियां सऊदी अरब की संप्रभुता, नागरिकों और देश की राष्ट्रीय संपत्तियों के लिए सीधा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों से हूतियों का आक्रामक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया एक बार फिर सामने आया है।
सऊदी अरब ने कहा- हर जरूरी सैन्य कदम उठाएंगे
अल-मलिकी के मुताबिक सऊदी क्षेत्र में हुए हमले देश की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इनसे आम लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि गठबंधन की संयुक्त सेना की कमान खतरे को रोकने और हूती हमलों को निष्क्रिय करने के लिए सभी जरूरी ऑपरेशनल कदम उठाएगी। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेनाओं ने हूतियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है। सरकारी बलों का दावा है कि उनका लक्ष्य हूतियों के कब्जे से यमन की राजधानी सना को वापस लेना है।कई मोर्चों पर तेज हुई लड़ाई
सोमवार को अल-बायदा और अल-जौफ इलाकों में संघर्ष तेज हो गया। अल-जौफ रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है और यह यमन की राजधानी सना की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है। यमन के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल समीर अल-सबरी ने कहा कि सरकार ने सना को दोबारा अपने नियंत्रण में लेने का फैसला किया है। वहीं, सरकार समर्थक बलों के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने कहा कि उनका उद्देश्य हूतियों के नियंत्रण से यमन को मुक्त कराकर सना को फिर से राजधानी के रूप में स्थापित करना है।2022 की युद्धविराम व्यवस्था के बाद सबसे बड़ा तनाव
यमन में हालिया हिंसा को 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद सबसे गंभीर सैन्य बढ़ोतरी में से एक माना जा रहा है। यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब हूतियों ने सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में सैन्य हस्तक्षेप किया था लेकिन अब लड़ाई एक ही क्षेत्र तक सीमित नहीं है। ताइज, होदेइदा, अल-दालेआ, मारिब, अल-जौफ और अल-बायदा समेत कई इलाकों में संघर्ष की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी बल शुरुआती दबाव से उबरने के बाद अलग-अलग मोर्चों पर लड़ाई बढ़ाकर हूतियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों विस्थापित
लड़ाई बढ़ने के साथ यमन में मानवीय संकट भी गहरा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक गुरुवार से अब तक करीब 900 लोग मारे गए या घायल हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या ताइज और यमन के पश्चिमी तटीय इलाकों में हुई है। ताइज से करीब 21 हजार लोगों के विस्थापित होने की भी जानकारी सामने आई है।
मिसाइल हमलों को लेकर भी दोनों पक्षों के दावे
हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने दावा किया कि अल-जौफ में सरकारी बलों की मदद के लिए भेजे गए सैन्य काफिले को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार कई वाहन और बख्तरबंद गाड़ियां क्षतिग्रस्त या नष्ट हुई हैं।
हूतियों ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसके बारे में उनका दावा है कि इसमें हदरामौत के अल-वदिया कैंप में सऊदी क्षेत्र से सैन्य उपकरण लेकर जा रहे ट्रकों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला दिखाया गया है।
